मिथुन राशी–gemini

Rashi fal 2024 2023 2022

मिथुन राशी-gemini, राशी चक्र की तीसरी रास है| मिथुन राशी में मृग नक्षत्रके 2 चरण, आर्दा, पुनर्वसू के 3 चरण मीला कर मिथुन रास बनती है। मिथुन राशी वायु तत्व की है, मिथुन राशी का चिन्ह जुडवा व्यक्ति यो कि प्रतिकृति है|

मिथुन राशी का स्वामी बुध देव(व्दिस्वभाव) है, बुध देव व्दिस्वभाव होने के कारण व्यक्ति का स्वभाव व्दिस्वाभावि होता है|  मिथुन राशी वाले व्यक्ती…

मिथुन राशीके गुण – निराग, बुध्दीमान, वाचन,  

मिथुन राशी के अवगुण :- बालीशता , विनोदबुद्धि.चंचल, एक ही काम पूरा नकारना.

मिथुन राशी कि पसंद :- विनोद, वाचन,अध्यन करना,

मिथुन राशी के शरीर भाग :- फुप्फुस, मेंदु, स्किन,

मिथुन राशी व्यापार :- सेल्समान , व्यापारी, रिपोर्टर,जॉब, Doctors, Accountant,

आपके  बारेमे और  जनने के लिए संपर्क करे…


WhatsApp Image 2022-07-23 at 2.52.56 PM

shree Ganesh strotra

shree Ganesh strotra॥ श्रीविघ्नेश्वरषोडशनामस्तोत्रम् ।। सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः ।लम्बोदरश्च विकटो…

Read More


picture

Disha | Direction

Disha दिशाओं की पहचानया दिशेची अधिपती देवता इंद्र आहे. इंद्राची…

Read More


WhatsApp Image 2022-06-05 at 10.20.35 PM

Kary Siddhi Ke Tin Prayog

कार्यसिद्धी प्रयोग कार्यात सफलता मिळावी म्हणून कार्यात सफलता मिळावी म्हणून

Read More


WhatsApp Image 2022-04-29 at 3.00.27 PM

ketu stotra

ketu stotra श्री केतु स्तोत्रम् विनियोग=अस्यश्रीकेतुपश्चविंशतिनामस्तोत्रस्य मधुपछन्द: ऋषि: गायत्रीछन्दोः केतुर्देवता…

Read More


27 नक्षत्र

Nakshatra

Nakshatra क्या है 27 नक्षत्रों का गणित, कौन से नक्षत्र…

Read More


WhatsApp-Image-2022-03-09-at-11.12.07-PM

Karpur hom

कर्पूरहोम म्हणजे काय ? कर्पूरहोम’ हा तंत्रशास्त्रातील एक महत्त्वपूर्ण, अतिप्रभावशाली…

Read More

Similar Posts

  • | | |

    श्री हनुमानजी की आरती

    आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके॥अंजनि पुत्र महा बलदाई। सन्तन के प्रभु सदा सहाई॥आरती कीजै हनुमान लला की। दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि लाए॥लंका सो कोट समुद्र-सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥आरती कीजै हनुमान लला की। लंका…

  • धनु राशी | Dhanu Rashi

    ♐ dhanu rashi धनु राशी, राशी चक्र की आठवी राशी है| धनु राशी में मुळ, पूर्वाषाढा, उत्तराषाढा नक्षत्रके 1 चरण मीला कर धनु राशी बनती है। धनु राशी अग्नि तत्व की है, धनु राशी का चिन्ह ‘अश्व मानव’ कि प्रतिकृति है| धनु राशी का स्वामी गुरु देव है, गुरु देव होने के कारण व्यक्ति का…

  • | | |

    श्री पांडुरंगाष्टकम्

     श्री पांडुरंगाष्टकम्   महज्ञायोगपीठे तटे भीमरथ्या। वरं पुंडरीकाय दातुं मुनिद्रैः ।। समागत्य तिष्ठतमानंदकंदं । परब्रम्हलिंगं भजे पांडुरंगम् ।।१।। तडिद्वससं नीलमेघवभासं। रमामंदिरं सुंदर चित्प्रकाशम् ।। वरं त्विष्टिकायां समन्यस्तपादं। परब्रम्हलिंगं भजे पांडुरंगम् ।।२।। प्रमाणं भवाब्धेरिंद मामकानां। नितंब: कराभ्यां धृतो येन तस्मात् ।। विधातुर्वसत्यै धृतो नाभिकोशः। परब्रम्हलिंगं भजे पांडुरंगम् ।।३।। स्फुरत्कौस्तुभालंकृतं कंठदेशे। श्रिया जुष्टकेयूरकं श्रीनिवासम् ।। चिवं शान्तमीड्यं…

  • तुला राशी – Tula Rashi

    तुला राशी, राशी चक्र की सातवीं राशी है| तुला राशी में चित्रा नक्षत्रके 2 चरण, स्वाती, विशाखा नक्षत्रके 3 चरण मीला कर कन्या राशी बनती है। तुला राशी वायु तत्व की है, तुला राशी का चिन्ह तराजू कि प्रतिकृति है| तुला राशी का स्वामी शुक्र देव है, शुक्र देव होने के कारण व्यक्ति का स्वभाव…

  • सिंह राशी-leo

    सिंह राशी, राशी चक्र की पाचवी रास है| सिंह राशी में मघा, पूर्वा,उत्तरा नक्षत्र का 1 चरण मीला कर सिंह रास बनती है। सिंह राशी अग्नि तत्व की है, सिंह राशी का चिन्ह सिंह कि

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.