वास्तु शास्त्र

वास्तू शास्त्र ओर House asper vastu shastra

वास्तू शास्त्र के अनुसार हमारा मकान / घर कीस तरहसे होणा चाहिए ? वास्तु शास्त्र में दिशाओं को भी तर्कों के आधार पर धर्म से जोड़ा गया है इस सभी…
वास्तु शास्त्र

वास्तू में अंकशास्त्र | Vastu Main Anka Shastra

वास्तू में अंकशास्त्र का उपयोग वास्तू में अंकशास्त्र | vastu main anka shastra वास्तु शास्त्र दशदिशा जब आप कोई मकान, जमीन, फ्लैट, आदि खरीदने के बारे में सोचते हैं तो…
Panchamukhi hanumankavach |॥ श्रीपञ्चमुखी हनुमत्कवचम् ॥ पंचायतन देवता ध्यान मंत्र

dhan upay

Dhan Upay | धन की प्राप्ति के लिए कौन से मंत्र का जप करना चाहिए? धन पाने के लिए मन लगाकर कोई भी कर्म और परिश्रम किया जाए, तो पराक्रम…
mahabharat

Mahabharat | 8 or 18

Mahabharat महाभारत में 18 संख्या का बहुत महत्त्व है। महाभारत की कई घटनाएँ 18 संख्या से सम्बंधित है। कुछ उदाहरण देखें:महाभारत का युद्ध कुल 18 दिनों तक हुआ था। कौरवों (11 अक्षौहिणी) और पांडवों (7 अक्षौहिणी) की सेना भी कुल 18 अक्षौहिणी थी। अक्षौहिणी सेना के प्रत्येक भाग की संख्या के अंकों का कुल जमा 18 आता है।
Rashi fal 2024 2023 2022

कर्क राशी | Karka Rashi

चैत्र:- शुभग्रहांचे पूर्ण पाठबळ राहील. व्यावसायिकांची सरकारी कामे. पूर्वाध ओळखी मध्यस्थीतून लाभाचा. तरुणांच्या नोकरीच्या मुलाखती. उत्तरार्धात नोकरीत हितशत्रुपीडा. सूर्यग्रहणाजवळ मोठे वादाचे प्रसंग.
Rashi fal 2024 2023 2022

वृषभ राशी | Vrushbh Rashi

Vrushbh Rashi | वृषभ राशीसाठी 2023 कसे असेल. चैत्र:- तरुणांना अतिशय सुंदर ग्रहमान शैक्षणिक संधी. सामाजिक पतप्रतिष्ठेचा लाभ. नौकरीत अपवादात्मक भाग्योदय. पौर्णिमेजवळ मोठ्या सुवार्ता. व्यावसायिक गुंतवणुकींतून लाभ. सूर्यग्रहणाजवळ प्रवासात सांभाळा.…
kal sarpa dosh कालसर्प योग काय आहे? kalsarpa yog

कालसर्प योग काय आहे? kalsarpa yog

कालसर्प योग काय आहे?स्पष्ट कालसर्प योगाचे योगावयोगया जगात जेव्हा कुठलाही प्राणी ज्यावेळी जन्म घेतो ती वेळ त्या प्राण्याच्या सर्व जीवनासाठी अत्यंत महत्त्वाची मानल्या जाते. कारण त्या एका क्षणाच्या आधारे ज्योतिष शास्त्राच्या मदतीने त्याच्या संपुर्ण जीवनाचा एक असा आलेख तयार केल्या जाऊ शकतो, ज्यामध्ये त्याच्या जीवनातील वेळो वेळो घडणाऱ्या शुभ व अशुभ घटनांच्या विषयी वेळेच्या आधीच जाणता येऊ शकते.
Vastu

Vastu

भवन में सबसे पहले दीवारो की ओर ध्यान देना चाहिए। दीवार सीधी, प्रत्येक कोण ६० डिग्री का होना चाहिए। कमरों में रोशनी हवा का पूरा ख्याल रखते हुए खिड़कियों एवं सामान रखने के लिए आलमारी आदि का निर्माण करना चाहिए। भवन में विभिन्न कक्षों की वास्तु अनुरूप स्थिति निम्नलिखित स्थिति में होना चाहिए।