ketu shanti ke upya : केतु शांति के उपाय आपकी कुंडली में यदि केतु ग्रह अशुभ फलदायी है तो आप यह उपाय कीजिये आपके जीवन में सदा सर्वदा सुख,शांति,और समृद्धि आयेगी |
Chabndra Grahan ani kojagiri pornima 28 Oct. 2023 | खंडग्रास चंद्रग्रहण आणि कोजागिरी पोर्णिमा कशी साजरी करावी ? खंडग्रास चंद्रग्रहण आश्विन शु. १५,दि. २८ ऑक्टोबर शनिवार रोजी कोजागिरी पौर्णिमेच्या दिवशी…
विष्णु जी के सहस्त्र नाम कौन कौन से हैं?
विष्णु सहस्रनाम: भगवान विष्णु के 1000 नाम
विश्वम ईश्वर जो स्वयं ब्रह्मांड है
विष्णु ईश्वर जो हर जगह व्याप्त है
वशत्कार: भगवान जो हवन के लिए आमंत्रित किया जाता है
भूतभव्य-भाववत-प्रभु: भूत, वर्तमान और भविष्य के देवता
भूत-कृतो सभी प्राणियों के निर्माता
भूता -भृत भगवान जो सभी प्राणियों का पोषण करते हैं
भव ...
भूतात्मा
Mahabharat महाभारतात असे म्हंटले आहे की सुमारे ८०% मनुष्यबळ युद्धाच्या अठराव्या दिवशी मृत्युमुखी पडले होते. जेव्हा युद्ध संपले तेव्हा संजय युद्ध झाले तिथे म्हणजेच कुरुक्षेत्राच्या मैदानात आला. त्याचा मनात शंका आलेली होती की हे युद्ध खरंच झाले आहे का? खरंच एवढा मोठा नरसंहार झालेला आहे का? ती हिच जागा आहे का जिथे सामर्थ्यवान पांडव आणि भगवान श्रीकृष्ण उभे होते? ही तीच जागा आहे का जिथे श्रीमद् भगवत गीता सांगितली गेली?
Mahabharat महाभारत में 18 संख्या का बहुत महत्त्व है। महाभारत की कई घटनाएँ 18 संख्या से सम्बंधित है। कुछ उदाहरण देखें:महाभारत का युद्ध कुल 18 दिनों तक हुआ था।
कौरवों (11 अक्षौहिणी) और पांडवों (7 अक्षौहिणी) की सेना भी कुल 18 अक्षौहिणी थी।
अक्षौहिणी सेना के प्रत्येक भाग की संख्या के अंकों का कुल जमा 18 आता है।
कुंडली में शनि ओर चंद्र की युती से विषदोष का निर्माण होता है जैसे:- १- दोंनो ग्रहों का एकसाथ बैठना। २- शनि-चंद्र का परस्पर दृष्टि योग। ३- एक दूसरे के नक्षत्र में होना। ४- विषय परिस्थितियों में.. इनका ग्रह परिवर्तन भी विषदोष के परिणाम देता है।
Dhan Prapti | धन प्राप्ती केलीय राशी के अनुसार उपाय | कैसे मिलेगा धन इन उपायोसे? धन प्राप्ती केलीय राशी के अनुसार उपाय | कैसे मिलेगा धन इन उपायोसे? Dhan…
कालसर्प योग काय आहे?स्पष्ट कालसर्प योगाचे योगावयोगया जगात जेव्हा कुठलाही प्राणी ज्यावेळी जन्म घेतो ती वेळ त्या प्राण्याच्या सर्व जीवनासाठी अत्यंत महत्त्वाची मानल्या जाते. कारण त्या एका क्षणाच्या आधारे ज्योतिष शास्त्राच्या मदतीने त्याच्या संपुर्ण जीवनाचा एक असा आलेख तयार केल्या जाऊ शकतो, ज्यामध्ये त्याच्या जीवनातील वेळो वेळो घडणाऱ्या शुभ व अशुभ घटनांच्या विषयी वेळेच्या आधीच जाणता येऊ शकते.
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