श्रीपाद श्रीवल्लभ स्तोत्र | Shripad Shrivallabh Stotrashreepad Shreevallabh

घोरकष्टोद्धरण स्तोत्र ghorkashtodhyran stotra दत्त महाराज स्तोत्र

श्रीपाद श्रीवल्लभ स्तोत्र | Shripad Shrivallabh Stotrashreepad Shreevallabh

Gurucharitra | गुरुचरित्र
Gurucharitra | गुरुचरित्र

॥ श्रीपाद श्रीवल्लभ स्तोत्र ॥

श्रीपाद वल्लभ गुरोः वदनारविन्दं
वैराग्य दीप्ति परमोज्वलमद्वितीयम् ।

मन्दस्मितं सुमधुरं करुणार्द्र नेत्रं
संसार – ताप – हरणं सततं स्मरामि ।।

श्रीपाद वल्लभ गुरोः करकल्पवृक्षं
भक्तेष्ट – दान – निरतं रिपुसंक्षयं वै ।

संस्मरणमात्र चिति – जागरणं सुभद्रं
संसार – भीति – शमनं सततं भजामि ।।

श्रीपाद वल्लभ गुरोः परमेश्वरस्य
योगीश्र्वरस्य शिवशक्ति समन्वितस्य ।

श्री पर्वतस्य शिखरं खलु सन्निविष्टं
त्रैलोक्य – पावन – पदाब्जमहं नमामि।।

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