मंगळ स्तोत्र | mangal stotra

मंगळ स्तोत्र अशुभ परिणाम करण्या साठी हे स्तोत्र म्हणावे .

मंगळ ग्रह तुमच्या कुंडली मध्ये जर मंगळ ग्रह हा जर बलवान नसेल किंवा अशुभ फळ देत असेल तर आपण हे मंगळ स्तोत्र दररोज म्हणावे. मंगळ स्तोत्र जर आपण म्हटले तर मंगळाचा जो अशुभ प्रभाव आहे तो कमी होईल आणि तुम्हाला शुभ फळ प्राप्त होईल.
मंगळ हा कोणत्या स्थानामध्ये अशुभ असतो तर मंगळ जर सहा आठ बारा या स्थानामध्ये असेल किंवा एक चार सात आठ आणि बारा या स्थानामध्ये असेल तर मंगळ दोष अशुभ मानावा किंवा मंगळ ज्या स्थानामध्ये आहे. त्या स्थानावरती अशुभ ग्रहांची किंवा पाप ग्रहांची दृष्टी पडत असेल तर तो मंगळ अशुभ परिणाम आपल्या जीवनामध्ये देत असतो. तर याचा परिहार किंवा याचे परिणाम कशाप्रकारे आपल्याला कमी करता येतात तर हे मंगळ स्तोत्र आपण दररोज वाचावे.

मंगल स्तोत्र –

मंगलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रद: !

स्थिरामनो महाकाय: सर्वकर्मविरोधक: !!

लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां। कृपाकरं!

वैरात्मज: कुजौ भौमो भूतिदो भूमिनंदन:!!

धरणीगर्भसंभूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्!

कुमारं शक्तिहस्तं च मंगलं प्रणमाम्यहम्!!

अंगारको यमश्चैव सर्वरोगापहारक:!

वृष्टे: कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रद:!!

एतानि कुजनामानि नित्यं य: श्रद्धया पठेत्!

ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्रुयात् !!

स्तोत्रमंगारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभि:!

न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित्!!

अंगारको महाभाग भगवन्भक्तवत्सल!

त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय:!!

ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यव:!

भयक्लेश मनस्तापा: नश्यन्तु मम सर्वदा!!

अतिवक्र दुराराध्य भोगमुक्तजितात्मन:!

तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात्!!

विरञ्चि शक्रादिविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा!

तेन त्वं सर्वसत्वेन ग्रहराजो महाबल:!!

पुत्रान्देहि धनं देहि त्वामस्मि शरणं गत:!

ऋणदारिद्रयं दु:खेन शत्रुणां च भयात्तत:!!

एभिद्र्वादशभि: श्लोकैर्य: स्तौति च धरासुतम्!

महतीं श्रियमाप्रोति ह्यपरा धनदो युवा:!!

!! इति श्रीस्कन्दपुराणे भार्गवप्रोक्त ऋणमोचन मंगलस्तोत्रम् !!

Similar Posts

  • Shree Ram Ayodhya 2024 | श्री राम

    श्री राम प्रभु अयोध्या में आ रहे है 22 जानेवारी 2024 | रामोत्सव 2024 | shree Ram prabhu 2024 | श्री राम जन्म भूमि पर इस साल श्री राम प्रभु अपने भव्य सिहासन पर विराज मन होगे और अपने भारत को दिशा दिखायेंगे . 2024 या साल सभी श्री राम भक्तो केलिए, अत्यंत विशेष है |…

  • Aadity Hrady Stotr : सूर्य भगवान को प्रसन्न करने केलिय यह आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करे

    surya planet : सूर्य भगवान को प्रसन्न करने केलिय यह आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करे आदित्यहृदय स्तोत्र विनियोग ॐ अस्य आदित्य हृदयस्तोत्रस्यागस्त्यऋषिरनुष्टुपछन्दः, आदित्यहृदयभूतो भगवान ब्रह्मा देवता निरस्ताशेषविघ्नतया ब्रह्मविद्यासिद्धौ सर्वत्र जयसिद्धौ च विनियोगः। ऋष्यादिन्यास ॐ अगस्त्यऋषये नमः, शिरसि। अनुष्टुपछन्दसे नमः, मुखे। आदित्यहृदयभूतब्रह्मदेवतायै नमः हृदि। ॐ बीजाय नमः, गुह्ये। रश्मिमते शक्तये नमः, पादयो:। ॐ तत्सवितुरित्यादिगायत्रीकीलकाय नमः नाभौ।…

  • Vishadosh in kundali | विषदोष

    कुंडली में शनि ओर चंद्र की युती से विषदोष का निर्माण होता है जैसे:- १- दोंनो ग्रहों का एकसाथ बैठना। २- शनि-चंद्र का परस्पर दृष्टि योग। ३- एक दूसरे के नक्षत्र में होना। ४- विषय परिस्थितियों में.. इनका ग्रह परिवर्तन भी विषदोष के परिणाम देता है।

  • कर्क राशी | Karka Rashi

    चैत्र:- शुभग्रहांचे पूर्ण पाठबळ राहील. व्यावसायिकांची सरकारी कामे. पूर्वाध ओळखी मध्यस्थीतून लाभाचा. तरुणांच्या नोकरीच्या मुलाखती. उत्तरार्धात नोकरीत हितशत्रुपीडा. सूर्यग्रहणाजवळ मोठे वादाचे प्रसंग.

  • |

    Married Life

    अब समझते है कब जीवनसाथी स्वास्थ्य कब जल्दी ठीक हो जाता है। Married Life Married Life | Life partner | जीवनसाथी का स्वास्थ्य खराब रहता है तो क्यों और कब ठीक होगा आज इसी विषय पर बात करते है। वैवाहिक जीवन सुख और विवाह सुख यह पति पत्नी के आपसी सहयोग से ही एक दूसरे को मिलता है। कभी कभी ऐसी स्थिति जीवन मे बन जाती है कि जीवनसाथी (पति या पत्नी) का स्वास्थ्य खराब रहने के कारण विवाह सुख और वैवाहिक जीवन के सुख में कमी रहती है जिससे वैवाहिक जीवन भी थोड़ा नीरस का ही रहता है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.