शिव महिम्ना स्तोत्रस्त पाठ | shiv Mahimna stotra पुष्पदन्त उवाच – शिव महिम्ना स्तोत्रस्त पाठ | shiv Mahimna stotra महिम्नः पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी। स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्वयि गिरः।। अथाऽवाच्यः सर्वः स्वमतिपरिणामावधि गृणन्। ममाप्येष स्तोत्रे हर निरपवादः परिकरः।। १।। भावार्थ: पुष्पदंत कहते हैं कि हे प्रभु ! बड़े बड़े विद्वान और योगीजन आपके महिमा को नहीं जान पाये तो…
श्री शिवमहिम्न स्तोत्र | shri shivmahimna stotra पुष्पदंत उवाचमहिम्नः पारन्ते परमविदुषो यद्यसदृशी।स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्वयि गिरः॥अथावाच्यः सर्वः स्वमतिपरिमाणावधि गृणन्।ममाप्येष स्तोत्रे हर निरपवादः परिकरः॥1॥ अर्थ:श्री पुष्पदंत जी कहते हैं कि हे प्रभु ! बड़े बड़े विद्वान और योगीजन आपके महिमा को नहीं जान पाए तो मैं तो एक साधारण बालक हूं, मेरी क्या गिनती ?लेकिन क्या आपके महिमा…
श्री संकटनाशन गणेश स्तोत्र प्रणम्यं शिरसा देव गौरीपुत्रं Shri Sankat Nashan Ganesh Stotra श्री संकटनाशन गणेश स्तोत्र नारद पुराण से उद्धरित एक शक्तिशाली स्तोत्र है। यह स्तोत्र मुनि श्रेष्ठ श्री नारद जी द्वारा कहा गया है और इसके पाठ से व्यक्ति के जीवन के संकट दूर होते हैं। इस स्तोत्र में भगवान गणेश के बारह…
यदि आपके शनि भगवान की महादशा चालू है तो करे शनि स्त्रोत्र का पाठ शनि भगवान देंगे मुक्ति ! शनि स्तोत्र/Shani Stotra नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठनिभाय च । नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम: ।।1।। नमो निर्मासदेहाय दिर्घश्मश्रुजटाय च । नमो विशालनेत्रायशुष्काय भयाक्रते ।।2।। नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्ने च वै पुन: । नमो दीर्घाय शुष्काय कालदंष्ट्राय…