श्री शिवमहिम्न स्तोत्र | shri shivmahimna stotra पुष्पदंत उवाचमहिम्नः पारन्ते परमविदुषो यद्यसदृशी।स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्वयि गिरः॥अथावाच्यः सर्वः स्वमतिपरिमाणावधि गृणन्।ममाप्येष स्तोत्रे हर निरपवादः परिकरः॥1॥ अर्थ:श्री पुष्पदंत जी कहते हैं कि हे प्रभु ! बड़े बड़े विद्वान और योगीजन आपके महिमा को नहीं जान पाए तो मैं तो एक साधारण बालक हूं, मेरी क्या गिनती ?लेकिन क्या आपके महिमा…
कालभैरव स्तोत्र: अर्थ आणि महत्त्व Kalbhairav astakam | कालभैरव स्तोत्र कालभैरव हे भगवान शंकराचे एक उग्र रूप आहे, जे काळाचे आणि मृत्यूचे रक्षणकर्ता मानले जाते. कालभैरवाची उपासना हिंदू धर्मात विशेषतः वाराणसीमध्ये प्रचलित आहे. कालभैरव स्तोत्र, विशेषतः ‘कालभैरवाष्टक’, ही स्तुती आद्य शंकराचार्यांनी रचली आहे. या स्तोत्राच्या पठणामुळे भक्तांना भीती, वाईट शक्ती आणि विपरीत परिस्थितींवर विजय मिळविण्याची…
श्री संकटनाशन गणेश स्तोत्र प्रणम्यं शिरसा देव गौरीपुत्रं Shri Sankat Nashan Ganesh Stotra श्री संकटनाशन गणेश स्तोत्र नारद पुराण से उद्धरित एक शक्तिशाली स्तोत्र है। यह स्तोत्र मुनि श्रेष्ठ श्री नारद जी द्वारा कहा गया है और इसके पाठ से व्यक्ति के जीवन के संकट दूर होते हैं। इस स्तोत्र में भगवान गणेश के बारह…
श्री गजानन महाराज स्तोत्र | Gajanan maharaj stotra श्री गजानन महाराज का यह स्तोत्र भक्तों को शांति, समृद्धि और संकटों से मुक्ति दिलाने वाला है। ।। श्री गजानन महाराज स्तोत्र ।। हे सर्वाद्या सर्वशक्ती | हे जगदोद्वारा जगत्पति | साहय व्हावें सत्वरगति | या लेकराकारणें ||१|| जे जे काही ब्रम्हांडात | तें तें तुझें रुप…
चंद्र भगवान को प्रसन्न करने केलिए निम्न दिए गए चंद्र स्तोत्र का पाठ करने से होगी आपकी सभी मनोकामनाए पूरी !! यदि चंद्र ग्रह आपकी कुंडली में अशुभ फल दे रहे है तो इस स्तोत्र का करे पाठ श्वेताम्बर: श्वेतवपु: किरीटी, श्वेतद्युतिर्दण्डधरो द्विबाहु: । चन्द्रो मृतात्मा वरद: शशांक:, श्रेयांसि मह्यं प्रददातु देव: ।।1।। दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम…