Guru Grah : गुरु स्त्रोत्र का पाठ करने से मिलेगा आपको कार्यक्षेत्र में लाभ !!

Guru Grah : गुरु स्त्रोत्र का पाठ करने से मिलेगा आपको कार्यक्षेत्र में लाभ !!

astrologer

यदि आपको कार्यक्षेत्र में लाभ नहीं हो रहा है तो करिये गुरु स्त्रोत्र का पाठ मिलेगा लाभ !

गुरु स्तोत्र

क्रौं शक्रादि देवै: परिपूजितोसि त्वं जीवभूतो जगतो हिताय।

ददाति यो निर्मलशास्त्रबुद्धिं स वाक्पतिर्मे वितनोतु लक्ष्मीम्।।1।।

पीताम्बर: पीतवपु: किरीटश्र्वतुर्भजो देव गुरु: प्रशांत:।

दधाति दण्डं च कमण्डलुं च तथाक्षसूत्रं वरदोस्तुमहम्।।2।।

ब्रहस्पति: सुराचार्योदयावानछुभलक्षण:।

लोकत्रयगुरु: श्रीमान्सर्वज्ञ: सर्वतो विभु:।।3।।

सर्वेश: सर्वदा तुष्ठ: श्रेयस्क्रत्सर्वपूजित:।

अकोधनो मुनिश्रेष्ठो नितिकर्ता महाबल:।।4।।

विश्र्वात्मा विश्र्वकर्ता च विश्र्वयोनिरयोनिज:।

भूर्भुवो धनदाता च भर्ता जीवो जगत्पति:।।5।।

पंचविंशतिनामानि पुण्यानि शुभदानि च।

नन्दगोपालपुत्राय भगवत्कीर्तितानि च।।6।।

प्रातरुत्थाय यो नित्यं कीर्तयेत्तु समाहितः।

विप्रस्तस्यापि भगवान् प्रीत: स च न संशय:।।7।।

तंत्रान्तरेपि नम: सुरेन्द्रवन्धाय देवाचार्याय ते नम:।

नमस्त्त्वनन्तसामर्थ्य वेदसिद्वान्तपारग।।8।।

सदानन्द नमस्तेस्तु नम: पीड़ाहराय च।

नमो वाचस्पते तुभ्यं नमस्ते पीतवाससे।।9।।

नमोऽद्वितियरूपाय लम्बकूर्चाय ते नम:।

नम: प्रहष्टनेत्राय विप्राणां पतये नम:।।10।।

नमो भार्गवशिष्याय विपन्नहितकारक।

नमस्ते सुरसैन्याय विपन्नत्राणहेतवे।।11।।

विषमस्थस्तथा न्रणां सर्वकष्टप्रणाशमन्।

प्रत्यहं तु पठेधो वै तस्यकामफलप्रदम्।।12।।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.