Disha दिशाओं की पहचानया दिशेची अधिपती देवता इंद्र आहे. इंद्राची पत्नी शची देवी, निवास स्थान अमरावती, वाहन ऐरावत (पांढरा हत्ती), आयुध वज. द्वारपाल नंदी व चंद्र पूर्व दिशा ही ऐलक्ष्मीस्थान आहे. या दिशेला पांढऱ्या रंगाचे अधिपत्य असते, अधिपती ग्रह सूर्य व रास मेष व वृषभ आहे.
Panchamukhi hanumankavach॥ श्रीपञ्चमुखी हनुमत्कवचम् ॥श्री हनुमान जी ऐसी देवता है जो हमेशा अपने भक्तों का संकट निवारण करके सब के ऊपर कृपा बरसाती है. श्री पंचमुखी हनुमान कवच पढ़ने से सभी भक्तों का कष्ट, दुख ,बाधा और अशोक परिणाम दूर होकर शुभ आशीर्वाद प्राप्त होता है.
मंगल ग्रह के अशुभ होने से रक्तचाप, रक्त विकार, खुजली, फोड़ा-फुसी, रक्तसाव कुष्ठ रोग, आकस्मिक दुर्घटना जन्य रोग, अग्नि भय, गुप्त रोग, सूजन, वात, पित्त संबंधी रोग होते हैं
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