भगवान शिव परिवार | shivji ka parivar

भगवान शिव परिवार | shivji ka parivar

भगवान शिव परिवार | Shivji ka Parivar | शिवजी कि पाच कन्या | 5 shivji ki kanya.

भगवान शिव के परिवार की बात जब भी आती है तो सबसे पहले मुंह पर श्री गणेश और कार्तिकेय जी का नाम आता है। ऐसे में आज हम आपको भगवान शिव की पांच पुत्रियों के बारे में बताने जा रहे हैं। Shivji ka Parivar

हमारे एक्सपर्ट ज्योतिषाचार्य डॉ राधाकांत वत्स का कहना है कि गणेश, कार्तिकेय, अशोक सुंदरी, ज्योति, मनसा और जालंधर के अलावा भगवान शिव की 5 बेटियां भी थीं। तो चलिए जानते हैं महादेव की बेटियों के जन्म की कथा और इनसे जुड़ी रहस्यमयी बातें।

शिव पुराण में है वर्णन Shivji ka Parivar

  • शिव पुराण में भगवान शिव और माता पार्वती की पुत्रियों का वर्णन मिलता है। शिव पुराण में लिखित कथा के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती सरोवर में ध्यान मग्न थे कि उसी समय भगवान शिव के मुख पर एक मंद मुस्कान आई।
  • उस मुस्कान से 5 मोती सरोवर में झड़ कर गिर गए। उन पांच मोतियों से पांच कन्याओं का जन्म हुआ लेकिन यह कन्याएं मनुष्य रूप में होने के स्थान पर नाग रूप में जन्मी थीं
  • पुत्रियों के साथ खेलने जाते थे भगवान शिव
  • ध्यान मग्न होने के कारण माता पार्वती को इस बात की कोई जानकारी न थी कि महादेव की मुस्कान से पुत्रियों का जन्म हुआ है किन्तु महादेव को इस बात का आभास था।
  • महादेव अपनी अन्य संतानों की तरह ही अपनी पुत्रियों से प्रेम करते थे और इन पांच नाग पुत्रियों के साथ नियमित रूप से भोर काल के ब्रह्म मुहूर्त में खेलने भी जाया करते थे।
  • एक दिन माता पार्वती को आश्चर्य हुआ कि भगवान शिव इतनी भोर में कहां जाते हैं। माता पार्वती सत्य का पता लगाने भगवान शिव के पीछे पीछे चल दीं।
  • जब माता पार्वती सरोवर के पास पहुंची तब उन्होंने भगवान शिव को उन पांच कन्याओं पर पिता की भांति अपार प्रेम लुटाते देखा लेकिन पत्नी प्रेम से पूर्ण होने के कारण माता पार्वती के मन में भय उत्पन्न हुआ कि कहीं ये नाग कन्याएं महादेव को आहात न कर दें।
  • इसी कारण से माता पार्वती ने इन कन्याओं का अंत करने का निर्णय किया। भगवान शिव माता पार्वती की मंशा भांप गए और उन्होंने माता पार्वती को रोक लिया। माता पार्वती के भगवान शिव से पूछने पर उन्हें उन नाग कन्याओं की माता होने का सत्य ज्ञात हुआ।

भगवान शिव की बेटियों के नाम | 5 shivji ki kanya

  • भगवान शिव की इन पांच नाग कन्याओं के नाम जया, विषहर, शामिलबारी, देव और दोतलि है। शिव पुराण में इस बात का उल्लेख है कि भगवान शिव ने अपनी पुत्रियों को विशेष वरदान दिया है
  • इस वरदान के अनुसार, जो भी व्यक्ति महादेव की पूजा के साथ साथ उन नाग कन्याओं की भी पूजा करेगा उसके परिवार को कभी भी सर्पदंश का भय नहीं रहेगा। इसके साथ ही इन नाग देवियों की कृपा से कभी भी धन-धान्य में कमी नहीं होगी।
  • तो ये थीं भगवान शिव की 5 पुत्रियों के जन्म की कथा। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें
main-qimg-43a636dec132b0c313d9f63ec2bee126-lq

Similar Posts

  • |

    Married Life

    अब समझते है कब जीवनसाथी स्वास्थ्य कब जल्दी ठीक हो जाता है। Married Life Married Life | Life partner | जीवनसाथी का स्वास्थ्य खराब रहता है तो क्यों और कब ठीक होगा आज इसी विषय पर बात करते है। वैवाहिक जीवन सुख और विवाह सुख यह पति पत्नी के आपसी सहयोग से ही एक दूसरे को मिलता है। कभी कभी ऐसी स्थिति जीवन मे बन जाती है कि जीवनसाथी (पति या पत्नी) का स्वास्थ्य खराब रहने के कारण विवाह सुख और वैवाहिक जीवन के सुख में कमी रहती है जिससे वैवाहिक जीवन भी थोड़ा नीरस का ही रहता है।

  • ग्रंथ सारणिका

    अध्याय ३१ – ग्रंथ सारणिका सत मुनी शौनकादिक ऋषींना म्हणाले, “नारायणांनी नारदाला ‘अधिकमास माहात्म्या’च्या अनेक कथा सांगितल्या. काही कथा भगवान विष्णूंनी लक्ष्मीला सांगितल्या. श्रीकृष्णाने पांडवांना “अधिकमास माहात्म्य’ सांगितले. त्या सर्व कथा व्यासांनी लिहून ठेवल्या. ते बृहन्नारदीय पुराण, पद्मपुराण यातील कथा मी तुम्हांला सांगितल्या त्या ‘अधिकमास माहात्म्य’ ग्रंथाची थोडक्यात माहिती म्हणजे सारणिका अशी आहे पहिल्या अध्यायात…

  • Hindu culture | शिव पार्वतिचा विवाह | राम नावाच सत्य | ओमकार शब्दाचा अर्थ

    शिव पार्वतिचा विवाह | राम नावाच सत्य | ओमकार शब्दाचा अर्थ शिव पार्वतिचा विवाह | राम नाव कसे आले. | ओमकार सध्या सोशल मीडियावर जो बकवास चालू आहे त्यावरून खरेच लोकांची कीव करावीशी वाटते , लोक काहीही शंका निर्माण करत आहेत , जसे राम नॉन व्हेज खात होता ,दुसरा प्रश्न प्रत्येक ठिकाणी गणेशाला वंदन करून…

  • Navagraha Stotra (नवग्रह स्तोत्रम्)

    यहाँ नवग्रह स्तोत्रम् (Navagraha Stotra) का पूरा पाठ संस्कृत में और उसका अंग्रेजी अर्थ प्रस्तुत किया गया है। यह स्तोत्र नौ ग्रह देवताओं को समर्पित है, जो हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानें जाते हैं। नवग्रहों में सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु शामिल हैं। प्रत्येक ग्रह का अपनी विशेषता और…

  • Kunadli milan

    Free kundali Milan get easily Free kundali Milan get easily | Free kundali milan get easily. you can kundali milan with our best partner, you always happy to you best of your life. श्री जन्म कुण्डली Complete Vedic Astrology Report Vedashree Jyotish – Shree Janam Kundali Vedashree Jyotish Discover your destiny with our highly accurate…

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.