Parad shivling pooja ke benefits | बहुत ही काम का है पारद शिवलिंग, जानिए इसके फायदे

Parad shivling pooja ke benefits | बहुत ही काम का है पारद शिवलिंग, जानिए इसके फायदे

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पारद शिव लिंग की पूजा कैसे करे और पारद मुर्तिकी पूजा से होने वाले लाभ

1. पारद शिवलिंग | parad shiv ling pooja ke benefits

पारद तरल होता है इसकी विशेषता यह है कि यह अपना रंग हर धातु पर चढ़ा देती है। चाहे सोना, चांदी, पीतल, तांबा आदि कोई भी धातु क्यों न हो। शिवपुराण में पारा धातु को भगवान शिव का वीर्य कहा गया है। शास्त्रकारों ने इसे साक्षात् शिव कहा है। पारद शिव लिंग कि पूजा parad करनेसे आपको अत्यंत शुभ फल मिलेगा.

पारद ( MERCURY )  देवताओ की पूजा से जल्दी पूरी हो सकती है मनोकामनाए |

पारद शिवलिंग का महत्त्व क्या है? parad पारद शिव लिंग कि पूजा से क्या लाभ होगा?

शिवलिंग को अनेक धातुओं एवं काष्ठ तथा पत्थर एवं रत्नों से भी शिवलिंग का निर्माण होता है। सर्वाधिक महत्व पार्थिव शिवलिंग एवं पारद शिवलिंग का है पार्थिव शिवलिंग मिट्टी से निर्मित किया जाता है तथा पारद शिवलिंग पारा द्रव को ठोस बनाकर निर्मित किया जाता है। पारद शिवलिंग का स्पर्श करने मात्र से अनेक रोगों से मुक्ति मिलती है। इसका अभिषेक करने से अन्य शिवलिंगों की अपेक्षा हजारों गुना अधिक फल मिलता है। इसे घर में स्थापित कर नित्य बिल्व पत्र अर्पित करने से धन की वृद्धि होती है। पारद शिव लिंग पर पानी का असर नहीं होता। इसे धूप में देखने पर इंद्रधनुषी आभा दिखाई देती है। पारद अपने आप में सिद्ध पदार्थ माना गया है। रत्न समुच्चय में पारद शिव लिंग की महिमा का विशद उल्लेख है। इसकी आराधना से सभी रोग दूर हो जाते हैं।

पारद शिवलिंग कैसे पहचाने, पारद ( MERCURY ) देवताओ की पूजा से जल्दी पूरी हो सकती है मनोकामनाए |

पारद शिवलिंग का प्रत्यक्ष प्रमाण स्पर्श करने मात्र से पता चल जाता है इसका तापमान बहुत कम होता है।

पारद शिवलिंग को छूने से बर्फ के समान ठण्डा और वजन में यह बहुत भारी होता है।

पारद शिवलिंग को माइक्रोस्कोप से देखने पर इसमें कुछ छोटे-छोटे धब्बे दिखते हैं।

मंत्र : ॐ नमः शिवाय । अथवा

ॐ त्र्यम्बकम् यजामहेसुगन्धिम्पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।

2. पारद लक्ष्मी से कैसे पा सकते है आपके घरमे धन का वास ! parad laxmi mata

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पारद लक्ष्मी की स्थापना करने पर लक्ष्मी संबंधी सभी दोषों का शमन होता है तथा धनादि की वृद्धि होती है। लक्ष्मी जी का आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष महत्व है। इनकी कृपा से धन प्राप्ति में आने वाली संपूर्ण विघ्न-बाधाएं नष्ट होती हें जिससे धनागम के द्वार खुल जाते हैं। श्रीमहालक्ष्मी त्रिशक्ति चंडी देवी का ही तीन स्वरूपों में एक स्वरूप हैं, इनकी अपने घर में पूजा करने से विशेष धन लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

पारद धातु स्वयं सिद्ध धातु होने से इस धातु से बनी देव मूर्तियों का विशेष पूजा प्राण प्रतिष्ठा आदि करने की आवश्यकता नहीं होती। इस धातु में बनी लक्ष्मी की पूजा करने से शीघ्र धन प्राप्ति के अवसर प्राप्त होते हैं। जीवन में उत्तरोत्तर धनवृद्धि होती है। घर में सभी प्रकार से सुख, शांति, समृद्धि बनी रहती है।

पारद लक्ष्मी को अपने घर के अतिरिक्त व्यवसाय स्थल, फैक्ट्री, दुकान कार्यालय आदि में भी स्थापित कर सकते हैं। इनके प्रभाव से आमदनी में वृद्धि, व्यवसायिक संपर्कों में सुधार होता है। बुध दोष, दरिद्रता, बौद्धिक तनाव, मानसिक रोग आदि के शमन के लिए पारद लक्ष्मी के सम्मुख निम्न मंत्र का 24 संख्यात्मक जप और पाठ करने से अनोखा लाभ होता है :

मंत्र : ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात।

3. पारद गणेश मुर्तिसे आपके जीवन में बदलाव आयेगा ! parad गणेश मूर्ती

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गणेश जी का आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष महत्व है। गणेश जी ऋद्धि-सिद्धि व बुद्धि के दाता हैं सकल विघ्नों के विनाशक हैं, शुभ हैं। विशेष मंगल कारक हैं, इनकी कृपा से धन प्राप्ति में आने वाली संपूर्ण विघ्न-बाधाएं नष्ट होती हें जिससे धनागम के द्वार खुल जाते हैं। पारद धातु स्वयं सिद्ध धातु होने से इस धातु से बनी देव मूर्तियों का विशेष पूजा प्राण प्रतिष्ठा आदि करने की आवश्यकता नहीं होती। इस धातु में बनी गणेश की पूजा करने से शीघ्र धन 1 प्राप्ति के अवसर प्राप्त होते हैं। जीवन में उत्तरोत्तर धनवृद्धि होती है। घर में सभी प्रकार से सुख, शांति, समृद्धि बनी रहती है। पारद गणेश जी को अपने घर के अतिरिक्त व्यवसाय स्थल, फैक्ट्री, दुकान कार्यालय आदि मे रखे.

में भी स्थापित कर सकते हैं। इनके प्रभाव से आमदनी में वृद्धि, व्यवसायिक संपर्कों में सुधार व व्यापार में वृद्धि होकर ऐश्वर्यशाली जीवन व्यतीत होता है। अनेक प्रकार के दोषों को शमन करने, भौतिक सुख पाने, पूर्व जन्म के दोषों का शमन के लिए पारद गणेश के सम्मुख निम्न मंत्र का जप करना लाभकारी है :

मंत्र : एक दंताय विद्महे वक्र तुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ।।

4. पारद श्री यंत्र | इस यंत्रसे आपके घरमे और जीवन में पैसे आयेगे ! parad shree yantra

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यह पूजा स्थल अथवा किसी भी स्थान पर स्थापित किया जा सकता है। श्री यंत्र को स्थापित करने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। इस यंत्र के प्रभाव से जीवन के अनेक अभाव दूर होते हैं। यदि नौकरी में अधिकारियों से मतभेद, मनमुटाव तथा तरक्की में विलंब हो तो ये बाधाएं दूर होती हैं। श्री लक्ष्मी के अनेक मंत्र : अधिक सुख-समृद्धि पाने के लिए भगवती के किसी भी मंत्र को कमल गट्टे अथवा लाल चंदन की माला पर यथाशक्ति जप करना चाहिए । जप करने के लिए निम्न मंत्रों में से किसी भी मंत्र का चयन किया जा सकता है:

1. श्रीं ह्रीं क्लीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महा लक्ष्म्यै नमः ।

2. ऊं श्री महालक्ष्म्यै स्वाहा ।

श्री यंत्र की स्थापना विधि शुद्धता एवं विश्वासपूर्वक शुक्रवार, सोमवार अथवा गुरुवार को सुबह उठ कर, गंगा जल युक्त जल से स्नानादि कर के, ललाट पर लाल चंदन अथवा रोली का चंदन लगा कर, यथाशक्ति लक्ष्मी का । कोई भी मंत्र जप करते हुए, श्री यंत्र को केसर युक्त कच्चे दूध में धो कर पूजन स्थल, व्यवसाय स्थल, दफ्तर, घर, अथवा कहीं भी, शुद्ध स्थान पर लाल रेशमी कपड़े पर स्थापित करना चाहिए। दीपावली, दशहरा, शिवरात्रि, नवरात्रि, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण आदि पर्वो पर श्री यंत्र की विशेष पूजा में लक्ष्मी के प्रिय मंत्रों का पाठ, श्रीसूक्त का पाठ, कनकधारा आदि का पाठ करना चाहिए । श्री यंत्र के सम्मुख प्रतिदिन सामान्य रूप से धूप, अथवा अगरबत्ती तथा घी का दीपक जलाने से लक्ष्मी की सामान्य पूजा हो जाती है। श्री यंत्र के चोरी होने, टूट जाने पर पुनः स्थापित किया जाता है। बुध ग्रह को बली करने के लिए पारद श्री यंत्र शीघ्र ही शुभ फल प्रदान करता है तथा जातक की बौद्धिक क्षमता में वृद्धि लाता है। लक्ष्मी दोष, दरिद्रता, धन लाभ, धन रक्षा, धन संचय आदि कार्यों में लाभ पाने के लिए पारद श्री यंत्र के सम्मुख निम्न मंत्र का पाठ अथवा जप करना लाभकारी है :

मंत्र : ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं

5. पारद पिरामिड आपके जीवनमे पिरामिड से बदली जासकती है आपकी जीवन गाथा ! parad piryamid

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विभिन्न दिशाओं से प्रवेश करने वाली आकाशीय ऊर्जा अवरुद्ध होने से वास्तु के नियम भंग होते हैं तथा आकाशीय ऊर्जा की कमी हो जाती है। इसे वास्तु दोष

कहते हैं। दूसरे शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि जिन घरों में आकाशीय ऊर्जा अवरुद्ध, या प्रभावित होती है, उन घरों में वास्तु दोष माना जाता है। वास्तु दोष को कम करने तथा आकाशीय ऊर्जा बढ़ाने के लिए अनेक उपाय करने होते हैं, अथवा घर को पुनः तोड़ कर नये ढंग से बनाना होता है। ऐसी स्थिति में आर्थिक हानि भी होती है।

पारद पिरामिड अल्प मूल्य का उपाय है। घर, कार्यालय, अथवा कोई भी

कार्यस्थल हो, वहां यह पिरामिड रखने से आकाशीय ऊर्जा अधिक मिलती है, जिसके फलस्वरूप शरीर की अनेक बीमारियां धीरे-धीरे नष्ट हो जाती हैं, घर में शांति का वातावरण बना रहता है, आर्थिक स्थिति स्वतः सुधरने लग जाती है तथा व्यक्ति दीर्घायु और सुखी जीवन का मालिक बन जाता है।

पारद पिरामिड को बिना किसी मंत्र जप, अथवा उपासना के उपयोग किया जा सकता है। यह पिरामिड जीवन पर्यंत लाभ प्रदान करता रहता है। मानसिक पीड़ा में यदि कोई जातक पारद पिरामिड को अपने सिर पर कुछ समय प्रत्येक सुबह रखे, तो उसे शीघ्र ही चमत्कारिक लाभ होता है। बुखार, पेट दर्द, जोड़ों के दर्द में पारद पिरामिड को दर्द के स्थान पर कुछ समय तक रखने से शीघ्र ही दर्द से छुटकारा मिलता है तथा नाभि पर रखने से बुखार खत्म हो जाता है।

6. पारद लक्ष्मी गणेश पूजन से होती है धन की वृधि ! parad laxmi ganesh पूजन

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दीपावली के दिन शुभ मुहूर्त में इन दोनों की युगल पूजा करने से सभी विघ्न-बाधाओं का शमन होता है। व्यापार एवं नौकरी में अच्छी तरक्की होती है। घर-परिवार में सुख, समृद्धि एवं मंगल का वास होता है।

लक्ष्मी एवं गणेश जी का आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष महत्व है। गणेश जी ऋद्धि-सिद्धि के दाता हैं सकल विघ्नों के विनाशक हैं, शुभ हैं। विशेष मंगल कारक हैं, इनकी कृपा धन प्राप्ति में आने वाली संपूर्ण विघ्न-बाधाएं नष्ट होती हें जिससे धनागम के द्वार खुल जाते हैं।

श्रीमहालक्ष्मी त्रिशक्ति चंडी देवी का ही तीन स्वरूपों में एक स्वरूप हैं, इनकी गणेश जी के साथ संयुक्त रूप से अपने घर में पूजा करने से विशेष धन लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

पारद धातु स्वयं सिद्ध धातु होने से इस धातु से बनी देव मूर्तियों का विशेष पूजा प्राण प्रतिष्ठा आदि करने की आवश्यकता नहीं होती। इस धातु में बनी लक्ष्मी, गणेश की साथ-साथ पूजा करने से शीघ्र धन प्राप्ति के अवसर प्राप्त होते हैं। जीवन में उत्तरोत्तर धनवृद्धि होती है। घर में सभी प्रकार से सुख, शांति, समृद्धि बनी रहती है। पारद लक्ष्मी गणेश जी को अपने घर के अतिरिक्त व्यवसाय स्थल, फैक्ट्री, दुकान कार्यालय आदि में भी स्थापित कर सकते हैं। इनके प्रभाव से आमदनी में वृद्धि । व्यवसायिक संपर्कों में सुधार व्यापार में वृद्धि होकर ऐश्वर्याशाली जीवन व्यतीत होता है। अनेक प्रकार के दोषों को शमन करने, भौतिक सुख पाने, पूर्व जन्म के दोषों का शमन करने के लिए पारद गणेश के सम्मुख निम्न मंत्र का जप करना लाभकारी है :

मंत्र : एक दंताय विद्महे वक्र तुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात।।

7. पारद शिव पूजन से आपके सभी पाप नष्ट करनेकी ताकत पारद शिव पूजन में है?

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भगवान शिव परमयोगी, परमगुरु, मृत्युंजय, सर्वशक्तिमान, त्रैलोक्य स्वामी आदि नामों से जाने जाते हैं पारद शिव की उपासना या दर्शन मात्र से व्यक्ति को सैकड़ों गायों के दान, हजारों स्वर्ण मुद्राओं के दान तथा काशी तीर्थों के स्नान करने से जितना फल मिलता है उतना ही पारद शिव की उपासना करने से मिलता है। भगवान शिव स्वयं कहते हैं कि जो मेरी आराधना करता है उसके घर में कभी दरिद्रता नहीं आती नही जीवन में उसे मृत्यु भय रहता है । पारद शिव की पूजा से व्यक्ति को यश, मान, पद, प्रतिष्ठा, आदि में पूर्णता प्राप्त करते हुए अंत में मुक्ति की प्राप्ति होती पुत्र मंत्र : गुरुणाम् गुरो शिवः

आदि गुरु शंकराचार्य के अनुसार मनोवांछित फल हेतु निम्न मंत्र का जप करना चाहिए

चंद्रोद्भासितशेरवरे स्मरहरे गंगाधरे शंकरे । सर्पैर्भूषितकण्ठ कर्ण विविरे नेत्रोत्थ वैश्वानरे।

दन्तित्वक्कृतसुन्दराम्बरधरे त्रैलोक्यसारे हरे मोक्षार्थम्कुरूचित्तवित्तिम् अखिलामन्यस्तुकिम् कर्मभिः ।।

अथवा ॐ नमः शिवाय ।

8. पारद शंख यह शंख आपके लिए धन का आकर्षण करेगा!

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पारद शंख को भगवान कुबेर का प्रतीक माना जाता । इसका आध्यात्मिक पूजा-पाठ, वैदिक अनुष्ठानों में पूजन किया जाता है। शंख को देवताओं का प्रतीक मानकर पूजा जाता है। पारद शंख की स्थापना से व्यक्ति को मानसिक शांति आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति तथा चिरस्थायी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। ऐसी भी मान्यता है कि पारद शंख की स्थापना से वास्तु दोषों का निराकरण भी होता है ।

9. पारद दुर्गा माता की पूजा से आपका सभी से रक्षण होगा ! भुत ,बाधा ,से रक्षण !

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माता दुर्गा के नवार्ण मंत्र का जप करने मात्र से वांछित लाभ मिलता है तथा शीघ्र ही इसका प्रभाव वहां के सम्पूर्ण वातावरण को शुद्ध करता है। पारद दुर्गा की स्थापना से चोर भय, प्रेत भय, शत्रु भय रोग भय, बन्धन भय आदि से छुटकारा पाया जा सकता है।

■ मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ।

पारद शिवलिंग उपाय


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