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विष्णु जी के सहस्त्र नाम कौन कौन से हैं?
विष्णु सहस्रनाम: भगवान विष्णु के 1000 नाम
विश्वम ईश्वर जो स्वयं ब्रह्मांड है
विष्णु ईश्वर जो हर जगह व्याप्त है
वशत्कार: भगवान जो हवन के लिए आमंत्रित किया जाता है
भूतभव्य-भाववत-प्रभु: भूत, वर्तमान और भविष्य के देवता
भूत-कृतो सभी प्राणियों के निर्माता
भूता -भृत भगवान जो सभी प्राणियों का पोषण करते हैं
भव ...
भूतात्मा
Mahabharat महाभारतात असे म्हंटले आहे की सुमारे ८०% मनुष्यबळ युद्धाच्या अठराव्या दिवशी मृत्युमुखी पडले होते. जेव्हा युद्ध संपले तेव्हा संजय युद्ध झाले तिथे म्हणजेच कुरुक्षेत्राच्या मैदानात आला. त्याचा मनात शंका आलेली होती की हे युद्ध खरंच झाले आहे का? खरंच एवढा मोठा नरसंहार झालेला आहे का? ती हिच जागा आहे का जिथे सामर्थ्यवान पांडव आणि भगवान श्रीकृष्ण उभे होते? ही तीच जागा आहे का जिथे श्रीमद् भगवत गीता सांगितली गेली?
Mahabharat महाभारत में 18 संख्या का बहुत महत्त्व है। महाभारत की कई घटनाएँ 18 संख्या से सम्बंधित है। कुछ उदाहरण देखें:महाभारत का युद्ध कुल 18 दिनों तक हुआ था।
कौरवों (11 अक्षौहिणी) और पांडवों (7 अक्षौहिणी) की सेना भी कुल 18 अक्षौहिणी थी।
अक्षौहिणी सेना के प्रत्येक भाग की संख्या के अंकों का कुल जमा 18 आता है।
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