आपकी शादी मंगल दोषके कारन नाही होर ही है? मंगल शांती हेतू करे ये उपाय |
मेष लग्न में मंगलिक : – कुंडली मे मेष राशी मे मंगल, मंगल ग्रह के उपाय | mangal graha ke upay
- लाल रुमाल पास में सदैव रखा करे |
- बन्दर पालकर उसकी सेवा करे |
- किसी कुवारी लड़की को या बहन को नित्य मीठा खिलाएं |
- तंदूर में मीठी रोटी पकाकर कुत्ते को भोजन दे |
- दक्षीण दिशा के द्वार वाले भवन में ना रहे |
वृष लग्न में मंगलिक :- कुंडली मे वृषभ राशी मे मंगल
- पत्नी को चांदी की चूड़ी पर लाल रंग करके पहनाएं |
- लाल रुमाल पास में रखे |
- हनुमान चालीसा का पाठ रोज करे |
- शराब ना पिए |
- मांस – मछली – अंडे आदि न खाएं |
- तंदूर में मीठी रोटी तैयार कर कुत्ते को डाले |
- विधवा स्त्री की सेवा करना लाभदायक होगा |
मिथुन लग्न में मंगलिक :-कुंडली मे मिथुन राशी मे मंगल
- मुफ्त की वस्तुए किसी से भी दान स्वरुप ग्रहण न करे |
- चरित्र ठीक रखे |
- स्त्री को चांदी की चूड़ी पर लाल रंग करके धारण कराएं | यह चूड़ी स्त्री मंगलवार को धारण करे |
- मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में प्रसाद चढ़ाकर बांटे |
- शहद व सिंदूर नदी,नहर या तेज बहते पानी में प्रवाह करे |
- दक्षिण दिशा के द्वार वाले घर में निवास न करे |
- भाई की संतान की सेवा करे |
कर्क लग्न में मंगलिक :- कुंडली मे कर्क राशी मे मंगल
- मंगलवार को व्रत रखकर एक समय शाम को मीठा भोजन करे व्रत वाले दिन क्रोध न करे |
- हनुमान चालीसा का पाठ रोज करे |
- हनुमानजी के मंदिर में नित्य दर्शन करे
सिंह लग्न में मंगलिक : – कुंडली मे सिंह राशी मे मंगल, अपनी राशी अनुसार जाने मंगल के उपाय | मंगल ग्रह के उपाय | mangal graha ke upay
- अपना चरित्र ठीक रखे |
- झूट न बोले तथा किसी को सताए नही |
- लाल रुमाल पास में रखे |
- झूटी गवाही न दे |
- हाथी या हाथी दांत का सामान घर में न रखे |
- मुफ्त का दान न ले |
- स्त्री को चांदी की चूड़ी पर लाल रंग रंगवाकर धारण करवाएं |
- माता की और माता के समान नारी की सेवा करे |
- तांबे या सोने में मूंगा धारण करे |
मंगल दोष के केलिय क्या उपाय करना चाहिय ? मंगल ग्रह को शुभ बनाना है तो करें यह उपाय.
कन्या लग्न में मंगलिक :- कुंडली मे कन्या राशी मे मंगल
- हाथी या हाथी दांत से बनी वस्तुए घर में न रखे |
- हनुमान चालीसा का पाठ रोज करे
- झूट न बोले एवं न ही किसी से इर्ष्या करे |
- किसी से दान नले |
- पत्नी को चांदी की चूड़ी लाल रंग में रंगवाकर धारण करावे |
- बड़े भाई ,ताऊ और मामा की सेवा करे |
- नि : सन्तान व्यक्ति की जायदाद कभी न ले |
- शहद सिंदूर जल में बहाए |
- तांबा या सोने में ( असली ) मूंगा 5 रत्ती जड़वा कर धारण करे |
- काले,काने,नि : सन्तान और गंजे व्यक्ति से सदैव दूर रहे \
- साली,बुआ,मौसी के घर जाये तो मिठाई साथ ले कर जाये |
- दक्षिण दिशा के द्वार वाले भवन में न रहे |
तुला लग्न में मंगलीक : – कुंडली मे तुला राशी मे मंगल
- दूध डालकर हलवा बनाकर स्वयं मंगलवार के दिन खाएं व दूसरों को खिलाएं ।
- मीठा भोजन बांटे |
- गायत्री पाठ या दुर्गा पाठ करें।
- जंग लगा हथियार घर में न रखें ।
- हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाकर बांटें ।
- तन्दूर में मीठी रोटी लगाकर कुत्ते को डालें ।
- हनुमान चालीसा का पाठ रोज़ करें ।
वृश्चिक लग्न में मंगलिक :- कुंडली मे वृश्चिक राशी मे मंगल
- चांदी की बिना जोड़ की अंगूठी पहनें ।
- झूठ न बोलें और दान न लें ।
- शहद सिन्दूर बहते जल में बहाएं ।
- किसी को दुर्वचन या अपशब्द न कहें।
- किसी से ईर्ष्या न करें ।
- भाई की सन्तान का पालन करें।
- सुबह उठकर शहद खाएं ।
- हनुमान चालीसा का पाठ रोज करें।
- शराब न पीएं
धनु लग्न में मंगलिक :- कुंडली मे धनु राशी मे मंगल
- शराब न पीएं
- वैष्णवी (शुद्ध, सात्विक व शाकाहारी) भोजन करें ।
- जुआ न खेलें ।
- लॉटरी का टिकट न खरीदें ।
- हनुमान चालीसा का पाठ रोज करें।
- मंगलवार को व्रत रखें।
- काले कुत्ते को मीठी रोटी डालें ।
- बन्दर की सेवा या पालन करें।
- दक्षिण दिशा के द्वार वाले भवन में न रहें ।
मकर लग्न में मंगलीक : – कुंडली मे मकर राशी मे मंगल
- हाथी पालना गुनाह है और हाथी दांत का सामान रखना परम हानिकारक है ।
- लाल रूमाल पास रखें।
- शहद, सिन्दूर बहते जल में बहाएं ।
- घर में आए मेहमानों को मीठा भोजन खिलाएं ।
- काले, काने व्यक्ति से सदैव दूर रहें ।
- विधवा स्त्री की सेवा करें ।
कुंभ लग्न में मंगलिक :- कुंडली मे कुंभ राशी मे मंगल
- हनुमान चालीसा का पाठ रोज करें।
- मंगलवार को हनुमान जी को प्रसाद तथा 21 गुलाब के फूल
- चढ़ावें ।
- निःसन्तान की जायदाद नहीं खरीदें ।
- झूठ न बोलें ।
- दीन-दुखियों की सेवा करें ।
- मंगलवार को ब्राह्मण भोजन करावें ।
- चांदी दान करें ।
- मीठा भोजन बांटें ।
मीन लग्न में मंगलिक :- कुंडली मे मीन राशी मे मंगल
- दान या मुफ्त वस्तु किसी से न लें।
- शराब न पीएं।
- झूठ न बोलें तथा न ही झूठी गवाही दें ।
- सब जीवों पर दया करें ।
- लाल रूमाल पास में रखें ।
मंगल ग्रह के ये उपाय करने से होगी आपकी सभी मनोकामनाए पूरी
- शहद, सिन्दूर तथा मसूर की दाल को बहते पानी में प्रवाहित
- बड़े भाई और भाभी को सम्मान करें ।
- लाल रंग का तौलिया तथा रूमाल उपयोग में लाएं।
- लाल रंग के छोटे से रूमाल में सौंफ बांधकर शयनकक्ष
- में रख लें ।
मंगल की शांति के लिए यह दान करे
सुयोग्य व्यक्ति को मूंगा दान करना मंगल को शांत करता है। विद्यार्थियों को लाल वस्त्र बांटें तथा हनुमान जी के मंदिर भी लाल वस्त्र चढ़ाएं, इससे मंगल की शांति होती है।
मंगल की अनुकूलता हेतु औषधि स्नान
मंगल ग्रह के दोष से पीड़ित जातक को रक्त चन्दन, बेल की छाल, जटामासी, सिंहरफ खिरेटी तथा गुड़ एवं हींग आदि पदार्थों से युक्त जल के द्वारा मंगलवार को आवश्यक रूप से स्नान करना चाहिये । इन वस्तुओं का दूसरों को उपयोग करने के लिये भी हितकारी होता है । मंगल ग्रह के उपाय | mangal graha ke upay
मंगल ग्रह दान क्या है ? mangal grah dan kya hai?
मंगल ग्रह से संबंधी दान मंगल के वार मंगलवार या मंगल के नक्षत्र मृगशिरा, चित्रा या धनिष्ठा में करना चाहिए। दान में स्वयं के वजन के बराबर लाल मक्का, मसूर, लाल वस्त्र, लाल फल, लाल पुष्प चीनी, वृषभ, पृथ्वी, मूंगा, दक्षिणा सहित ब्राह्मण को या हनुमानजी के मंदिर में दान करना चाहिए।
मंगल मंत्र का जाप कैसे करते है ? magal grah ka mantra
जिन जातक की पत्रिका में मंगल कमजोर हो उन्हें मंगल ग्रह को बलवान बनाने के लिए या मंगल ग्रह की शांति के लिए मंगल भगवान का मंत्र 40,000 बार अनुष्ठान करके लाल चंदन या मुंगे की माला से स्वयं जाप करना चाहिए या किसी योग्य ब्राह्मण द्वारा संकल्प देकर जप का अनुष्ठान करवाना चाहिए। जितनी संख्या में जप हुए हो उसका दशांश अर्थात दसवा भाग (10%) मंत्र संख्या से हवन करना चाहिए।
ॐ अं अंगारकाय नमः
बीज मन्त्र – ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
मंगल गृह को प्रसन्न करने केलिय यह व्रत करे सभी मनोकामना पूरी होगी !! mangal grah manokamna ke upay
45 या 21 मंगलवारों तक करनाचाहिये। यह व्रत अधिक दिन भी किया जा सकता है। लाल वस्त्र धारण करके ॐ क्रां क्रीं क्रीं स भीमाय नमः इस मंत्र को 7 या 5 या 3 माला जपे । भोजन में गुड से बना हलवा या लड्डू इत्यादि खावे । नमक नही खावे। इस व्रत के करने से ऋण से छुटकारा मिलता है। संतान सुख प्राप्त होता है।
mangal पूजा भात पूजा क्या होती है?
मंगल के अनष्टि निवारण के लिये तथा मंगल ग्रह की शांति के लिये एक विशेष पूजा होती है। यह पूजा भारत के मध्य प्रदेश राज्य के उज्जैन नगर में मंगलनाथ मंदिर के पास अंगारेश्वर महादेव मंदिर में होती है ।
कहा जाता है कि इस मंदिर से कर्क रेखा (Tropic of Cancer) जाती है। इसके अलावा उज्जैन मंगल ग्रह का उत्पत्ति स्थान भी है। यह पूजा मंगलवार या मंगल के नक्षत्र में करवायी जानी चाहिये ।
हवन की मंत्र संख्या के दशांश का तर्पण करना चाहिए। तथा तर्पण के दशांश का मार्जन करना चाहिए।
मंगल ग्रह के उपाय लाल किताब
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