छठवे भाव में सूर्य का प्रभाव सूर्य आपको कैसे प्रभावी करता है ? : 6 bhav sury bhagvan

सूर्य आपको कैसे प्रभावी करता है ?

स्वभाव

छठवें स्थान में सूर्य का प्रभाव से जातक बलवान, तेजस्वी और निरोगी होता है। जातक निडर होता है। उस शत्रुओं का जरा भी भय नही होता जातक में साहस एवं पराक्रम प्रचुरता से होता है।

पूर्ण दृष्टि

षष्ठ स्थान में स्थित सूर्य की पूर्ण दृष्टि द्वादश भाव पर पड़ती है जिसके प्रभाव से जातक अपव्ययी होता है। धनार्जन में जातक को बाधा आती है |

Nakshatra surya

मित्र / शत्रु राशि

मित्र, स्व अथवा उच्च राशि में स्थित सूर्य के प्रभाव से जातक के शत्रुओं का नाश होता है। जातक का विरोध करने वाला असफल होता है। जातक निरोगी होता है । षष्ठ भाव में शत्रु व नीच राशि का होने पर सूर्य का प्रभाव से जातक की मान हानि होती है। जातक के कई शत्रु व्यर्थ ही बन जाते है। जातक अपव्यय करने वाला और कुसंगी होता है।

भाव विशेष

षष्ठ भाव में सूर्य की स्थिति शुभ मानी गयी है । षष्ठ भाव में सूर्य प्रबल शत्रुहंता योग बनाता है जिससे जातक शत्रु और रोगों पर समान रूप से विजय प्राप्त करता है। जातक में प्रबल जीवनशक्ति होती है। जातक न्यायवान होता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share with

Scroll to Top