36 गुण मिलान का क्या मतलब है?

शादी से पहले क्यों जरूरी है 36 गुण मिलान? जानिए अष्टकूट का सच! What Does 36 Gun Milan Mean?

शादी से पहले कुंडली मिलान की बात होते ही सबसे पहला सवाल आता है — कितने गुण मिले? यह ‘36 गुण मिलान’ असल में अष्टकूट मिलान (Ashtakoot Milan) की प्रक्रिया है, जिसमें आठ अलग-अलग पहलुओं के आधार पर वर-वधू की कुंडली का मिलान किया जाता है।

आठ कूट (Koota) कौन-कौन से हैं?

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वर्ण कूट क्या है? शादी के लिए 36 गुण मिलान में इसका महत्व 1)

वर्ण (Varna)संबंधित राशियाँ (Zodiac Signs)तत्व (Element)
ब्राह्मण (Brahmin)कर्क (Cancer), वृश्चिक (Scorpio), मीन (Pisces)जल (Water)
क्षत्रिय (Kshatriya)मेष (Aries), सिंह (Leo), धनु (Sagittarius)अग्नि (Fire)
वैश्य (Vaishya)वृषभ (Taurus), कन्या (Virgo), मकर (Capricorn)पृथ्वी (Earth)
शूद्र (Shudra)मिथुन (Gemini), तुला (Libra), कुंभ (Aquarius)वायु (Air)

वर्ण कूट की श्रेणी का क्रम: ब्राह्मण > क्षत्रिय > वैश्य > शूद्र

वर का वर्ण \ वधू का वर्णब्राह्मणक्षत्रियवैश्यशूद्र
ब्राह्मण1111
क्षत्रिय0111
वैश्य0011
शूद्र0001

वश्य कूट (Vashya Koot – कुल अंक: 2)

वश्य कूट राशियों की प्रकृति (मानव, चतुष्पद, जलचर, वनचर, कीट) के आधार पर आपसी आकर्षण और नियंत्रण को दर्शाता है।

राशि प्रकृतिमानवचतुष्पदजलचरवनचरकीट
मानव (मिथुन, कन्या, तुला, धनु का पूर्वाद्ध, कुंभ)21101
चतुष्पद (मेष, वृषभ, धनु का उत्तराद्ध, मकर का पूर्वाद्ध)1210.51
जलचर (कर्क, मकर का उत्तराद्ध, मीन)11211
वनचर (सिंह)00.5120
कीट (वृश्चिक)11102

तारा कूट (Tara Koot – कुल अंक: 3)

तारा कूट वर और वधू के जन्म नक्षत्रों की गिनती के आधार पर स्वास्थ्य, भाग्य और दीर्घायु का आकलन करता है।

निकालने का नियम:

  • वर के नक्षत्र से वधू के नक्षत्र तक गिनें और 9 से भाग दें (शेषफल देखें)।
  • वधू के नक्षत्र से वर के नक्षत्र तक गिनें और 9 से भाग दें (शेषफल देखें)।
शेषफल (Group)तारा नामशुभ / अशुभअंक (Points)
1, 2, 4, 6, 8, 0जन्म, संपत, क्षेम, साधक, मित्र, परममित्रशुभ (Favorable)1.5
3, 5, 7विपत, प्रत्यरि, वधअशुभ (Unfavorable)0

योनि कूट (Yoni Koot – कुल अंक: 4)

योनि कूट जन्म नक्षत्र के आधार पर निर्धारित पशु-योनि द्वारा शारीरिक और मानसिक अनुकूलता दर्शाता है।

वर / वधू योनिमित्र योनिसम योनिशत्रु योनिअति शत्रु योनि
समान योनि4
मित्र योनि3
तटस्थ / सम योनि2
विरोधी योनि1
अति शत्रु योनि (जैसे सर्प-नकुल, मूषक-मार्जारी)0

ग्रह मैत्री कूट (Graha Maitri Koot – कुल अंक: 5)

वर और वधू की चंद्र राशियों के स्वामी ग्रहों की आपसी मित्रता के आधार पर विचार किया जाता है।

ग्रह संबंधअति मित्र / मित्रसम (Neutral)शत्रु / अति शत्रु
दोनों के स्वामी मित्र हों541
एक मित्र, एक सम हो430.5
दोनों सम हों330
एक शत्रु, एक मित्र/सम हो1 / 0.500.5
दोनों परस्पर शत्रु हों000

गण कूट (Gana Koot – कुल अंक: 6)

जन्म नक्षत्र के आधार पर व्यक्ति का गण (देव, मनुष्य, राक्षस) तय होता है, जो स्वभाव और जीवनशैली का सूचक है।

वर का गण \ वधू का गणदेवमनुष्यराक्षस
देव661
मनुष्य560
राक्षस006

भकूट कूट (Bhakoot Koot – कुल अंक: 7)

भकूट कूट वर और वधू की चंद्र राशियों के आपसी स्थान (दूरी) पर आधारित होता है।

राशियों का अंतर (Position Difference)भकूट स्थितिशुभ / अशुभअंक (Points)
1/1, 1/7, 3/11, 4/10सम-सप्तक, त्रि-एकादश, चतुर्थ-दशमशुभ7
2/12द्विर्द्वादश (खर्च व तनाव)अशुभ (भकूट दोष)0
5/9नवम-पंचम (संतान चिंता)अशुभ (भकूट दोष)0
6/8षडाष्टक (कलह व स्वास्थ्य)अशुभ (भकूट दोष)0

नाड़ी कूट (Nadi Koot – कुल अंक: 8)

अष्टकूट मिलान में नाड़ी कूट सबसे महत्वपूर्ण (8 अंक) माना जाता है, जो शारीरिक स्वास्थ्य, वात-पित्त-कफ प्रकृति और आनुवंशिकी (Genetic Match) को दर्शाता है।

वर की नाड़ी \ वधू की नाड़ीआदि (आदि)मध्य (मध्य)अंत्य (अंत्य)
आदि (Vata)0 (नाड़ी दोष)88
मध्य (Pitta)80 (नाड़ी दोष)8
अंत्य (Kapha)880 (नाड़ी दोष)

कितने गुण मिलना अच्छा माना जाता है?

कुल 36 में से 18 या उससे अधिक गुण मिलना विवाह के लिए शुभ माना जाता है। 25-32 गुण अच्छा मेल दर्शाते हैं, जबकि 32 से ऊपर के गुण उत्तम मेल माने जाते हैं। हालांकि सिर्फ गुणों की संख्या ही सब कुछ नहीं होती — नाड़ी दोष और भकूट दोष जैसे कुछ दोष विशेष ध्यान मांगते हैं, भले ही कुल गुण संख्या अधिक हो।

क्या कम गुण मिलने पर विवाह नहीं करना चाहिए?

जरूरी नहीं। कई बार कम गुण मिलने पर भी विवाह सफल होते हैं, बशर्ते किसी अनुभवी ज्योतिषी से पूरी कुंडली दिखाकर विस्तृत विश्लेषण करवाया जाए। सिर्फ गुण मिलान की संख्या पर निर्णय लेना सही तरीका नहीं है। आपकी कुंडली यादी साहीसे देखे ओर लग्न कुंडली नवामौस कुंडली के अनुसार यादी ग्रह कि मैत्री अच्छी होतो विवाह करणा सही है |

अपनी और होने वाले जीवनसाथी की जन्म तिथि, समय और स्थान की जानकारी भेजकर मुफ्त कुंडली मिलान करवाएं — Guruji पूरा विश्लेषण और उपाय बताएंगे।

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