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vivah Upay : शीघ्र विवाह के लिए ये उपाय करे आपका विवाह शीघ्र होगा | vivah Upay आपका विवाह नाही होराहा है क्या करे? Early Marriage Remedies कहते हैं शादियां स्वर्ग में बनती हैं. लेकिन कई बार विभिन्न कारणों से विवाह में कभी-कभी देरी हो सकती है. कुछ ग्रह भी विवाह में देरी में अहम भूमिका…
Mohini Stotram श्रीकृष्णस्तोत्रं मोहिनीरचितम्
Mohini Stotram श्रीकृष्णस्तोत्रं मोहिनीरचितम् श्रीकृष्णस्तोत्रं मोहिनीरचितम् श्री गणेशाय नमः । मोहिन्युवाच । सर्वेन्द्रियाणां प्रवरं विष्णोरंशं च मानसम् । तदेव कर्मणां बीजं तदुद्भव नमोऽस्तु ते ॥ १॥ स्वयमात्मा हि भगवान् ज्ञानरूपो महेश्वरः । नमो ब्रह्मन् जगत्स्रष्टस्तदुद्भव नमोऽस्तु ते ॥ २॥ सर्वाजित जगज्जेतर्जीवजीव मनोहर । रतिबीज रतिस्वामिन् रतिप्रिय नमोऽस्तु ते ॥ ३॥ शश्वद्योषिदधिष्ठान योषित्प्राणाधिकप्रिय । योषिद्वाहन योषास्त्र…
Paurnima | पूर्णिमाओर सत्यनारायणपोर्णिमाPaurnima | पोर्णिमा ओर सत्यनारायण
pornima | Paurnima | पौष पूर्णिमा 2024 पूर्णिमा हर माह में समायोजित रूप से आती है और इस दिन आकाश में चंद्रमा अपने पूरे रूप में दिखाई देता है। यह चंद्रमा की पूर्णता हमें शुभ फल का संकेत देती है और पूर्णिमा का दिन पूजा और महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता…
पंचांग म्हणजे काय ? Panchang ky pahave ? तिथी, वार, नक्षत्र, योग, करण की असतात ? 5 अंग कोणते ?
पंचांग म्हणजे काय ? Panchang ky pahave ? तिथी, वार, नक्षत्र, योग, करण की असतात ? 5 अंग कोणते ? पंचांग म्हणजे काय असता ? पंचांग मध्ये काय पाहतात ? असे अनेक प्रश्न आपल्या मनात येत्तात . पंचांग हे आज चे दिनमान दाखताते. पंचांग या शब्दाचा अर्थ हा आज चे दिनमान या मध्ये तिथी, वार,…
तृतीय भाव में सूर्य का प्रभाव |bhav sury bhagvan
जानिए आपकी कुंडली मे सूर्य भगवान का स्थान किस भाव मे है | सूर्य आपके कुंडली मे स्थित हो कर कैसे फल देता है ? स्वभाव तृतीय भाव में स्थित सूर्य के प्रभाव से जातक यशस्वी, रचनात्मक मनोवृत्ति वाला, सूर्य प्रतापी और पराक्रमी होता है। वह सदैव दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहता है।…
अन्तश्चेतना और स्वस्तिकासन: मानसिक शांति, ध्यान और आध्यात्मिक विकास के लिए सर्वश्रेष्ठ मार्ग
अन्तश्चेतना और स्वस्तिकासन: मानसिक शांति, ध्यान और आध्यात्मिक विकास के लिए सर्वश्रेष्ठ मार्ग अन्तश्चेतना: एक गहन आत्मिक शक्ति अन्तश्चेतना मानव जीवन की वह गूढ़ और शुद्ध शक्ति है, जो व्यक्ति को उसके वास्तविक स्वरूप और शाश्वत सत्य से जोड़ती है। जैसा कि पूर्व अध्याय में वर्णित है, मन्त्र की सिद्धि और उसकी शक्ति अन्तश्चेतना पर…

