Description
गोमेद को राहु का रत्न माना जाता है. यह हल्के से गहरे भूरे पीले से मैरून जैसे रंग का पाया जाता है. आम तौर पर कहा जाता है कि यह पत्थर गाय के मूत्र या शहद के रंग जैसा होता है, लेकिन वास्तव में यह गार्नेट का ही एक प्रकार है.
गोमेद को हेसोनाइट या गोमेधिकम के नाम से भी जाना जाता है. यह व्यापक रूप से माना जाता है कि यह ढेर सारी सफलता, समृद्धि और नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा प्रदान करता है और अत्यधिक सकारात्मक परिणाम देता है.
गोमेद को बुरी आत्माओं, मानसिक हमलों और अन्य नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए एक शक्तिशाली ताबीज माना जाता है. यह उपयोगकर्ता के चारों ओर एक सुरक्षा कवच बनाता है, जिससे उन्हें सुरक्षा की भावना मिलती है और नकारात्मक ताकतों से बचाव होता है.
ज्योतिष शास्त्र में राहु को पाप ग्रह माना जाता है. अत: ज्योतिषाचार्यों द्वारा राहु के दुष्प्रभावों को समाप्त करने के लिए गोमेद रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है.
गोमेद रत्न 15 से 30 दिन में असर दिखाता है. गोमेद रत्न को वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और कुंभ राशि वालों के लिए धारण करना शुभ होता है.
इस रत्न के फायदे और नुकसान दोनों हो सकते हैं. इसलिए ज्योतिषीय सलाह के बिना गोमेद धारण करने से बचें.
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