Description
- रूबी (सूर्य)
- मोती (चंद्रमा)
- लाल मूंगा (मंगल)
- पन्ना (बुध)
- पीला नीलम (बृहस्पति)
- हीरा (शुक्र)
- नीला नीलम (शनि)
- हेसोनाइट (राहु)
- कैट्स आई स्टोन (केतु)
भारतीय मान्यता के मुताबिक, कुल 84 रत्न पाए जाते हैं. इनमें माणिक्य, हीरा, मोती, नीलम, पन्ना, मूँगा, गोमेद, और वैदूर्य (लहसुनिया) को नवरत्न माना गया है. ये रत्न ही समस्त सौरमंडल के प्रतिनिधि माने जाते हैं.रत्न शास्त्र के मुताबिक, नवरत्न धारण करने से व्यक्ति को जीवन में कई लाभ मिलते हैं. कार्य-व्यापार की बाधाएं दूर होती हैं. वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है और जीवन सुख-सुविधाओं में व्यतीत होता है.नवरत्न अंगूठी धारण करने के लिए किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष का शुक्रवार या रविवार सबसे अच्छा माना गया है. अंगूठी को सोने के धातु में धारण करना चाहिए. साथ ही इसे सूर्योदय के बाद 1 घंटे के अंदर धारण करना चाहिए. रत्न शास्त्र के मुताबिक, नवरत्न अंगूठी में सभी 9 रत्न बराबर वजन के लगे होने चाहिए. रत्नों के वज़न में अंतर ग्रह के प्रभाव पर नकारात्मक असर डाल सकता है.
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