स्फटिक को साफ़-सुथरेपन की ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इसे धारण करने से मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता में वृद्धि होती है। स्फटिक ब्रेसलेट पहनने से चक्रों को संतुलित करने में मदद मिलती है, जिससे शरीर, मन, और आत्मा में समन्वय बढ़ता है।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, स्फटिक का संबंध शुक्र ग्रह से होता है | स्फटिक को सफ़ेद बिल्लौर भी कहा जाता है. अंग्रेज़ी में इसे रॉक क्रिस्टल कहते हैं | स्फटिक बर्फ़ के पहाड़ों पर बर्फ़ के नीचे टुकड़े के रूप में पाया जाता है | स्फटिक रत्न ध्यान और आत्म-जागरूकता में सहायता करता है। इसे पंचमुखी ब्रह्मा का स्वरूप माना गया है | स्फटिक का संबंध शुक्र ग्रह से होता है | ऐसे में शुक्र ग्रह का दोष जिनकी भी कुंडली में हो उनके लिए यह स्फटिक धारण करना बेहतर होता है |

Reviews
There are no reviews yet.