शुक्र यंत्र शुक्र यंत्र शुक्र जल तत्व, मध्यम कद का जलीय ग्रह है। शरीर में यह वीयं, शुक्राणु जननेन्द्रिय, स्वर, गर्भाशय, नेत्र एवं संवेग शक्ति को प्रभावित करता है इसके…
मंगल ग्रह के अशुभ होने से रक्तचाप, रक्त विकार, खुजली, फोड़ा-फुसी, रक्तसाव कुष्ठ रोग, आकस्मिक दुर्घटना जन्य रोग, अग्नि भय, गुप्त रोग, सूजन, वात, पित्त संबंधी रोग होते हैं
सूर्य यंत्र Surya yantra सूर्य यंत्र ब्रह्माड में सूर्य ही सर्वोपरि ग्रह है जिसके इर्द गिर्द सभी सितारे ग्रह और नक्षत्र घूमते हैं। पृथ्वी के सभी जड़ और चेतन पदार्थों…
बुक्का म्हणजे काय ? पांडुरंगाला बुक्का का लवावा आणि का लवतात जाणून घ्या ! महाराष्ट्राचे लाडके दैवत म्हणजे पांडुरंग. पंढरीत तो विठ्ठल हा सदा भक्तांच्या गोतावळ्यात रमलेला आहे
उपवास जब हम सोते हैं तब हृदय के अतिरिक्त शरीर के सभी अंग विश्राम करते हैं। लेकिन हमारा पेट ही विश्राम नहीं करता विश्राम के पश्चात् स्फूर्ति प्राप्त होती है जिससे हमें अधिक काम करने का प्रोत्साहन मिलता है। यदि हम अपने पेट को भी आराम देना शुरू कर दें तो हम हमेशा निरोग रहेंगे। इस छोटे से गुरु मंत्र से हम कितने निरोगी होंगे इसका अनुमान वही लगा सकता है जो पहले रोगी रहा हो।
दक्षिणवर्ती शंख भारतीय संस्कृति में शंख की अपार महिमा एवं उपयोगिता बताई गई है। समृद्धि और आयु के वर्धन और दरिद्रता के शमन के साथ-साथ देवी-देवताओं के पूजन, ज्योतिष और तांत्रिक साधनाओं एवं शुभ कार्य के प्रारंभ में इसकी विशेष उपयोगिता बताई गई है। शंख भगवान विष्णु के चतुर्भुज स्वरूप में उनके एक हाथ का आभूषण है।
विवाहकार्यात वधूवरांच्या जन्मकुंडल्याचे घटितमेलन करताना वधूच्या जन्मकुंडलीमध्ये पतिवियोग वा वैधव्यदर्शक कुयोग आहे असे सांगितलेले असेल तर साहजिकच मन सचिंत होते. ज्यांचा भविष्यशास्त्रावर यत्किंचितही विश्वास नसतो अशा लोकांच्या मनातही शंकेची पाल चुकचुकते.
उदक शांति पूजा, घर में शांति और सद्भाव के लिए की जाती है. 'उदकशांती' बद्दल समाजात विविध कल्पना, संकल्पना, समज, गैरसमज आणि रूढी ह्यांची मोठीच गल्लत झालेली दिसून येते. काही…
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