लहसुनिया रत्न के कुछ फ़ायदे:
- लहसुनिया रत्न पहनने से कारोबार, नौकरी, और आर्थिक तंगी से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं.
- अध्यात्म के मार्ग पर चलने वाले लोगों के लिए भी लहसुनिया रत्न फ़ायदेमंद होता है.
- लहसुनिया रत्न पहनने से शारीरिक कष्ट दूर होते हैं.
- अवसाद, लकवा, और कैंसर जैसी बीमारियों में भी लहसुनिया रत्न फ़ायदेमंद होता है.
- लहसुनिया रत्न पहनने से मन को शांति मिलती है और स्मरण शक्ति तेज़ होती है.
- लहसुनिया रत्न पहनने से व्यक्ति सांसारिक मोह से दूर होता है और अध्यात्म और धर्म की राह पर चल पड़ता है.
रत्न शास्त्र के मुताबिक, लहसुनिया रत्न को सोमवार के दिन पहनना चाहिए. इसके वज़न के मुताबिक ही इसे पहनना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति का वज़न 55 किलो है, तो उसे सवा 5 रत्ती या सवा 7 रत्ती का लहसुनिया रत्न पहनना चाहिए. लहसुनिया को हमेशा मध्यमा उंगली में पहनना चाहिए.
लहसुनिया रत्न को वैदूर्य के नाम से भी जाना जाता है. जब इस रत्न को रोशनी के सीधे स्रोत के नीचे रखा जाता है, तो इसकी सतह पर एक ऊर्ध्वाधर बैंड या भट्ठा दिखाई देता है.





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