मकर राशि

तत्व :
पृथ्वी

गुण :
मूलभूत; स्त्रीत्व;

स्वामी ग्रह :
शनि

मकर राशी, राशी चक्र की आठवी राशी है| मकर राशी में उतराषाढा के 3 चरण, श्रवण, धनिष्ठा नक्षत्रके 2 चरण मीला कर मकर राशी बनती है। मकर राशी पृथ्वी तत्व की है, मकर राशी का चिन्ह ‘शेळी’ कि प्रतिकृति है|

मकर राशी का स्वामी शनी देव है, गुरु देव होने के कारण व्यक्ति का स्वभाव न्यायप्रिय, होता है|  मकर राशी वाले व्यक्ती…

धनु राशीके गुण – न्याय व ज्ञान, स्पष्टवक्ते धैर्यवान,….

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व्यक्ति
मकर राशि के जातक भीतर से शांति प्राप्त करने में विश्वास करते हैं | ये किसी पर निर्भर होने को एक दोष के रुप में लेते हैं | मकर राशि के जातक कठोर,गंभीर और कड़ी मेहनत करने वाले होते हैं | पर जब आप अन्दर से इन्हे जानोगे आपको बिल्कुल अलग ही तस्वीर नजर आयेगी |हालांकि ये जोखिम के रास्ते में नहीं चलना चाहते हैं बल्कि जाने पहचाने और परिचित रास्ते पर चलना चाहते हैं |और बीच बीच में मजा उठाने से नहीं चुकते हैं | इन्हे बात चीत के लिए खुलने में औसत से ज्यादा समय लगता हैं |चुंकि सुरक्षा इनके लिए सर्वोपरि हैं इसलिए ये भविष्य की सुरक्षा के लिए समर्पित भावना के साथ धन कमाने में लग जाते हैं | लेकिन धन या प्रसिद्धि पाना कभी भी इनके प्राथमिक चाहत में नहीं रहा | ये सब क्षणिक खुशी तो प्रदान करते हैं पर स्थायी खुशी नहीं देते हैं |ये अपना अधिकार तो जताते हैं पर हावी होने की कोशिश नहीं करते हैं |जब इन पर नकारात्मक विचार हावी हो जाते हैं तो ये निराशावादी और महत्वाकांक्षी हो जाते हैं |और सशर्त ही कोई बात मानते हैं |

प्रेम आचरण :
मकर राशि के जातक भरोसेमंद और देखभाल करने वाले प्रकृति के होते हैं |ये भावनाओं में नहीं बहते हैं | ये नियंत्रित,नपे तुले और सतर्क अंदाज अपनाते हैं प्यार के मामाले में | शांति और उदारता के साथ ये दूसरे के परिप्रेक्ष्य को भी देखने की कोशिश करते हैं, हालांकि इनपर स्वार्थी और कठोर होने का आरोप लगाया जाता हैं | हालांकि, ये खुद भी अपनी इच्छाओं और लालसा पर चर्चा करने के लिए स्पष्ट नहीं रहते हैं | पर इनके मन की गहराई में एक झुमते हुए बहार की तरह का व्यक्तित्व छिपा रहता हैं जो मन पसंद साथी के इंतजार में होता हैं | उपरी तौर पर ये कठोर परम्परावादी और समाज में अपनी स्थिति को ले कर सतर्क रहते हैं | आप इन्हे अजमा के देखिए ये बहुत ही दिलचस्प साथी साबित होंगे | इनके हास्य व्यंग्य की आदत हो सकता हैं‌अच्छा लगने के साथ साथ परेशान भी करे | इनकी हर समय पर उच्च गुणवत्ता मानकों अपनाना इनके साथी पर भारी पड़ सकता हैं |

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अध्याय २२ – विप्रदास आणि सोमशर्मा


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