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Shani dev | शनी देव किन राशी वाले व्याक्तीको भोगना पडेगा शनी देव का साडेसाती का प्रभाव !

Shani dev शनी पालट ओर शानिकी साडेसाती

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Shani dev | कीस राशी को शनी देवकी साडेसाती कीस प्रकारसे प्रभाव करेगी. शनी देव आगळे राशी मे जानेसे क्या आपका जीवन कौसे बदलेगा ओर कीस राशी वाले व्यक्तीयोके जीवन मे धन-धान्य सुख -शांती, समाधान, ओर आपके सभी दुख: दूर करेगे शनी देव.शनी देव कुंभ राशी मे प्रवेश करेगे तो धनु राशी से शनी देव आपनी दृष्टी दूर करेगे तो धनु राशी वाले व्यक्तीयोके दुख: दूर होगे. शनी देव कुभ राशी मे जानेवारी माहके 17 /01/2023 तारिक को शाम 06 : 01 मे प्रवेश करेगे, शनी देव कि साडेसाती कुभ राशी कि पहली राशी मकर राशी ओर कुंभ राशी कि अगली राशी मीन राशी को साडेसतिका त्रास सुरु होगा. मकर, कुंभ ओर मीन राशी वाले व्यक्तीयोको शनी देव किं साडेसती कि पर्शानिया भोगनी होगी |

किन राशी वालो व्यक्तीयोका दुख: दूर होगे ओर सुख समृद्धी मिकेगी ?

जन्म राशिपादफल
मिथुन-वृश्चिक-मकरसुवर्णचिंता
कर्क- तुला मीनरौप्यशुभ
वृषभ-कन्या-कुंभताम्रश्रीप्राप्ती
मेष-सिंह- धनुलोहकष्ट

(या नंतर दि. 29 मार्च 2025 रोजी शनि मीन राशीमे प्रवेश करेगा.)

धनु राशीयो वाले व्यक्ती कि साडेसाती दूर होगी ओर सुख समृद्धी मिलेगी शनी देव आपके राशी से दृष्टी निकालनेसे आपकि पर्शानिया दूर होगी. आपने दुख: भोगे है ओ जनवरी माहके 17 तारिक से दूर कोगे.

किं राशी वाले व्यक्तीयोको शनी देव कि साडेसाती भोगनी होगी ?

मकर, कुंभ ओर मीन राशी वाले व्याक्तीयोको शनी देव कि साडेसती भोगनी होगी. दुख:, Extra expenses होगे, कार्यमे पर्शानिया ओर वही कार्य बार बार करणे पर्भी सफलता न मिलना ये सारी पर्शानिया भोगनी होगी.

कुंडली मे शनी देव कहापर होणे से साडेसती का प्रभाव जाता होत है ?

मकर राशी वाले व्याक्तीयोको मध्यम प्रकार कि साडेसाती भोगनी होगी | कुंभ राशी यह राशी शनी देव कि है यानिकी कुंभ राशी के स्वामी शनी देव है इस लिया इन राशी वाले व्यक्तीयोको जादा पर्शानिया नाही भोगांनी होगी. पर जीन व्याक्तोयोके जन्म कुंडलीमे शनी देव नीच राशीमे होतो पर्शानिया भोगनी होगी | मीन राशी वाले व्याक्तीयोको शनिदेव कि साडेसती प्रभाव शाली होसक्ती है | मीन राशी वाले व्यक्ती योको 12 शनी अनेसे कार्यमे पर्शानिया आसक्ती है| मीन राशी वाले व्याक्तीयोको व्यापा, व्यवहार, प्रवास, ओर खर्च, गुतंवणूक ( Investment ) करते समया ध्यान रखना जरुरी है|

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शनी देव कि साडेसाती मे कुच्छ उपाय करणे चाहिय |

  1. हर शनिवार शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करें। ऐसा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। 
  2. शनिवार के दिन सूर्योदय से पहले पीपल के वृक्ष के नीचे कड़वे तेल का दीपक जलाएं। इसके साथ ही दूध अर्पित करें।
  3. शनिवार के दिन अपने हाथ के नाम का 19 हाथ लंबा काला धागा बांधकर माला बना लें फिर इसे अपने गले में पहनें। ऐसा करने से शनि की अनिष्टता शांत होती है। 
  4. शुक्रवार की रात काले चने पानी में भिगो दें। उसके बाद शनिवार के दिन ये चने, कच्चा कोयला और लोहे की पत्ती एक काले वस्त्र में बांधकर मछलियों के सामने डाल दें। ऐसा एक साल तक प्रत्येक शनिवार को करें। ऐसा करने से शनि कोप सांत होता है।
  5. शनिवार के दिन कांसे की कटोरी में तिल का तेल भरें। उसके बाद उसमें अपना प्रतिबिंब देखकर तेल का दान करें।
  6. शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैया से छुटकारा पाने के लिए शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाना चाहिए। इसके बाद पीपल के पेड़ की कम से कम तीन बार परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न  होते हैं।
  7. शनि को मजबूत करने के लिए दाहिनी हाथ की बीच वाली अंगुली में लोहे की अंगूठी धारण करें। इस बात का ध्यान रखें कि ये अंगूठी घोड़े की नाल से बनी हो।
  8. शनिवार के दिन शनि स्तोत्र का पाठ करें।
  9. शनिवार के दिन या नियमित रूप से कौवे को अनाज खिलाएं।
  10. जरूरतमंदों की सहायता करें, जितना संभव हो शनि से संबंधित चीजों का दान करें।
  11. शनिवार के दिन काले कुत्ते को सरसों के तेल लगाकर रोटी खिलाएं।

ऊँ शनैश्चराय नमः इस मंत्र का जप सुभह हरदिन जाप करणे से शनी देव कि कृपा बनी रहेगी | Shani dev

Shani Dev: शनि 2023 इन राशियों को नहीं करेंगे परेशान, देंगे लाभ ही

Shani Yantra शनि यंत्र

शनि यंत्र

श्री शनियन्त्रम्

शनि वायु तत्व, दीर्घ कद का शुष्क ग्रह है। यह शरीर के स्नायु संस्थान, हड्डियों के जोड़ घुटने, पैर, मज्जा और बात को प्रभावित करता है। इसके अशुभ होने पर स्नायु रोग, जोड़ों में दर्द, अपचन, अपराधी प्रवृत्ति निराशाजनय मानसिक रोग आदि होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि प्रतिकूल होने पर अनेक कार्यों में असफलता देता है, कभी वाहन दुर्घटना, कभी यात्रा स्थागित तो कभी क्लेश आदि से परेशानी बढ़ती जाती है ऐसी स्थितियों में ग्रह पीड़ा निवारक शनि यंत्र

की शुद्धता पूर्ण पूजा प्रतिष्ठा करने से अनेक लाभ मिलते हैं। यदि शनि की ढैया या साढ़ेसाती का समय हो तो इसे अवश्य पूजना चाहिए। श्रद्धापूर्वक इस शनि यंत्र की प्रतिष्ठा करके प्रतिदिन यंत्र के सामने सरसों के तेल का दीप जलायें। नीला, या काला पुष्प चढ़ायें। ऐसा करने से अनेक लाभ होगा। मृत्यु कर्ज मुकद्दमा, हानि, क्षति, पैर आदि की हड्डी बात रोग तथा सभी प्रकार के रोग से परेशान लोगों हेतु शनि यंत्र अधिक लाभकारी है। नौकरी पेशा आदि के लोगों को उन्नति शनि द्वारा ही मिलती अतः यह शनि यंत्र अति उपयोगी है, जिसके द्वारा शीघ्र ही लाभ पाया जा सकता है।

मंत्र: ॐ प्रां प्री प्रौं सः शनैश्चराय नमः

शनि यंत्र का चमत्कारिक प्रभाव : शनिवार को सायंकाल भोजपत्र या सादे कागज पर काली स्याही से निम्नलिखित शनि तैंतीसा यंत्र को हिन्दी के अंक लिखते हुए सावधानी व श्रद्धापूर्वक बनाएं।

यंत्र बनाते समय तांत्रिक शनि मंत्र ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’ का उच्चारण करते रहें।

इस विधि से 33 यंत्र लिखकर उन यंत्रों पर उड़द व काले तिल रखें तथा इन यंत्रों का धूप-दीप से पूजन करके काले कपड़े में रुपया-पैसा सहित बांधकर किसी शनि मंदिर में शनिदेव के चरणों में अर्पित करें। इस प्रकार का टोटका लगातार 3 शनिवार करें।

।।ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:।।

सभी प्रकार की शनि आराधनाओं के अंत में प्रार्थनास्वरूप शनि पीड़ा हर स्तोत्र पढ़ा जाना चाहिए।

ॐ सूर्यपुत्रो दीर्घदेहोविशालाक्ष: शिवप्रिय:।
मन्दचार प्रसन्नात्मा पीड़ा दहतु मे शनि:।।

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