पंचम भाव में सूर्य का प्रभाव, देखे अपनी कुंडली: bhav sury bhagvan

Nakshatra surya

जानिए आपकी कुंडली मे सूर्य भगवान का स्थान किस भाव मे है |

सूर्य भगवान जन्म कुंडली से कैसे फल देते है ?

स्वभाव

पंचमस्थ सूर्य के प्रभाव से जातक स्वभाव से कुशाग्र, तेजस्वी, तीक्ष्ण बुद्धि और क्रोधी होता है। जातक पढ़ने में अच्छा एवं तीक्ष्ण स्मरण शक्ति वाला होता है।

Nakshatra surya

पूर्ण दृष्टि

पंचमस्थ सूर्य की पूर्ण दृष्टि एकादश स्थान पर होती है जिसके प्रभाव से जातक उच्च कोटि की आय का अर्जन करता है। जातक राजमान्य, यशस्वी और धनी होता है।

मित्र / शत्रु राशि

स्व, मित्र और उच्च राशि का होने पर पंचमस्थ सूर्य के शुभ प्रभावों में उच्चता आती है। जातक को अनेक प्रकार के सुख प्राप्त होते है। जातक विद्वान, यशस्वी और उच्च पद प्राप्त करने वाला और साहसी होता है। जातक की संतान भी सुखी हो होती है। जातक को पुत्र होते है। शत्रु व नीच राशि का होने पर विद्या में बाधा, संतान कष्ट, निंदा और अन्य कष्टों का सामना करना पड़ता है।

भाव विशेष

पंचमस्थ सूर्य शुभ राशि में होने पर स्वंय राज योग कारक होता है। पंचमस्थ सूर्य जातक को उच्च शिक्षा प्रदान करता है जिसके प्रभाव से जातक अपनी शिक्षा का उपयोग करते हुए जीवन यापन करता है। जातक सदाचारी और बुद्धिमान होता है किंतु उसे शीघ्र क्रोध आता है।

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