Author: vedashree jyotish

  • | | |

    गुरु ग्रह पालट

    तिसरा गुरुपालट कार्तिक शु. ६, शुक्रवारी 20-11-2020 रोजी दुपारी १३:२६ वाजता गुरु (पुनः) मकर राशीत प्रवेश करतो. त्याचा पुण्यकाल | शुक्रवारी सकाळी ११:३५ ते दुपारी १५:१७ पर्यंत आहे. तुला, | मिथुन व कुंभ या राशींना अनुक्रमे ४-८-१२ वा गुरु येत

  • वृश्चिक – Vrushchik

    वृश्चिक राशी, राशी चक्र की आठवी राशी है| वृश्चिक राशी में विशाखा नक्षत्रके 1 चरण, अनुराधा, जेष्ठा नक्षत्रके 4 चरण मीला कर वृश्चिक राशी बनती है। वृश्चिक राशी जल तत्व की है, वृश्चिक राशी का चिन्ह बिच्छू कि प्रतिकृति है|

  • नक्षत्र — Nakshatrea

    01 — नक्षत्र: अश्विनी नक्षत्र देवता : अश्विनीकुमारनक्षत्र स्वामी : केतुनक्षत्र आराध्य वृक्ष : कुचलानक्षत्र पर्यायी वृक्ष : अडुळसाराशी व्याप्ती : ४ हि चरण मेष राशीमध्येनक्षत्र प्राणी: घोडानक्षत्र तत्व : वायुनक्षत्र स्वभाव : शुभपौराणिक मंत्र:अश्विनी देवते श्वेतवर्णो तौव्दिभुजौ स्तुमः|सुधासंपुर्ण कलश कराब्जावश्च वाहनौ ||नक्षत्र देवता मंत्र: १)ॐअश्विनी कुमाराभ्यां नमः२) ॐ अश्विभ्यां नमःनक्षत्र पीडाहर मंत्र:स्वर्वेद्यावश्वीनौ देवौव्दिभुजौ शुक्लवर्णकोlसर्वारिष्ट…

  • तुला राशी – Tula Rashi

    तुला राशी, राशी चक्र की सातवीं राशी है| तुला राशी में चित्रा नक्षत्रके 2 चरण, स्वाती, विशाखा नक्षत्रके 3 चरण मीला कर कन्या राशी बनती है। तुला राशी वायु तत्व की है, तुला राशी का चिन्ह तराजू कि प्रतिकृति है| तुला राशी का स्वामी शुक्र देव है, शुक्र देव होने के कारण व्यक्ति का स्वभाव…

  • कन्या राशी

    कन्या राशी, राशी चक्र की छाटी रास है| कन्या राशी में उत्तरा नक्षत्रके 3 चरण, हस्त,चित्रा नक्षत्रके 2 चरण मीला कर कन्या रास बनती है। कन्या राशी पृथ्वी तत्व की है, कन्या राशी का चिन्ह कन्या कि प्रतिकृति है| कन्या राशी का स्वामी बुध देव है, बुध देव ग्रह होने के कारण व्यक्ति का स्वभाव…

  • श्री हनुमान चालीसा

    श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि ।
    बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥
    बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार ।
    बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस

  • सिंह राशी-leo

    सिंह राशी, राशी चक्र की पाचवी रास है| सिंह राशी में मघा, पूर्वा,उत्तरा नक्षत्र का 1 चरण मीला कर सिंह रास बनती है। सिंह राशी अग्नि तत्व की है, सिंह राशी का चिन्ह सिंह कि

  • |

    दशहरा–विजयादशमी–dussehra

    दशहरा (विजयादशमी) श्रीराम भगवान् जब 14 वर्ष वनवास भुगत रहे थे तब श्रीराम भगवान् ने सभी राक्षसोका वध किया आखिर में अति शक्ति शाली रावण राक्षसोके राजा बचे थे इस लिए श्रीराम रावण के भूमि सीमा पर रहने लगे तब शुर्पनका रावण की बहन श्रीराम का भव्यतेज देखकर प्रभावित हुई और श्रीराम के साथ विवाह…

  • कर्क राशी

    [wpdts-date] कर्क राशी, राशी चक्र की चौथी रास है| कर्क राशी में पुनर्वसू नक्षत्रका 1 चरण, पुष्य, आश्लेषा नक्षत्र मीला कर कर्क रास बनती है। कर्क राशी जल तत्व की है, कर्क राशी का चिन्ह केकड़ा कि प्रतिकृति है| कर्क राशी का स्वामी चंद्र देव है, चंद्र देव गतिशील ग्रह होने के कारण व्यक्ति का…

  • मिथुन राशी–gemini

    मिथुन राशी-gemini, राशी चक्र की तीसरी रास है| मिथुन राशी में मृग नक्षत्रके 2 चरण, आर्दा, पुनर्वसू के 3 चरण मीला कर मिथुन रास बनती है। मिथुन राशी वायु तत्व की है, मिथुन राशी का चिन्ह जुडवा व्यक्ति यो कि प्रतिकृति है|