क्या फल देते है सूर्य भगवान नवम भाव मे जानिए आपकी कुंडली से |
स्वभाव
नवम् भाव में स्थित सूर्य के प्रभाव से जातक का स्वभाव दूसरों की सहायता के लिए सदा तत्पर होता है। जातक महत्वाकाँक्षी, आत्मविश्वास से परिपूर्ण प्रसिद्ध और आस्तिक होता है।
पूर्ण दृष्टी
नवमस्थ सूर्य की पूर्ण दृष्टि के प्रभाव से जातक को अपने भाईयों से कष्ट प्राप्त होता है। जातक के कथन को उसके कर्मों का सहयोग नहीं मिलता अर्थात कहा हुआ कार्य जातक पूर्ण नहीं करता अतः जातक स्वयं के लिए वह अनेक परेशानियों का कारण हो जाता है। जातक धार्मिक प्रवृति वाला होता है।
मित्र / शत्रु राशि
मित्र, स्व व उच्च राशि का सूर्य होने पर जातक साहसी, भाग्यशाली एवं धार्मिक होता हैं। उसे अपने पुरूषार्थ पर पूरा भरोसा होता है। वह अपने प्रयासों से हर कार्य सिद्ध करता है। शत्रु व नीच राशि का होने पर जातक को भाग्योदय के लिए संघर्ष का सामना करना पड़ता है। जातक अपमानित होता है और उसे अनेक अप्रत्याशित नुकसान उठाने पड़ते है।
भाव विशेष
नवमस्थ सूर्य के प्रभाव से जातक सदाचारी होता है। जातक के योग, तपस्या व उच्च विचार होते है । जातक लिए यशस्वी होता है। को वाहन व नौकर का सुख प्राप्त होता है। जातक पिता के लिए यशस्वी होता है | मृत्यु के बाद जातक को उसके कार्यों में ख्याति प्राप्त होती है। नवमस्थ सूर्य के प्रभाव से जातक प्रायः सामाजिक संस्थाओं के कार्यों से जुड़ा रहता है। राज्यपक्ष से लाभ प्राप्त होता है।
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