एकादश भाव में सूर्य भगवान क्या फल देते है जानिए आपकी कुंडली से |
स्वभाव
एकादश भाव में स्थित सूर्य के प्रभाव से जातक सद्गुणी, यशस्वी, धनी, प्रसिद्ध एवं विद्वान होता है। जातक सदैव सत्य का समर्थन करता है। जातक स्वाभिमानी सुखी, बलवान,योगी एवं सदाचारी होता है।
पूर्ण दृष्टि
एकादश सूर्य की सप्तम दृष्टि पंचम भाव पर पड़ती है। जिसके प्रभाव से जातक को संतान सुख में न्यूनता प्राप्त होती है| जातक को संतान सम्बन्धित कष्ट प्राप्त होता है | परन्तु सन्तान कुशाग्र होती है।
मित्र/शत्रु राशि
मित्र, स्व व उच्च राशि में स्थित सूर्य के प्रभाव से जातक मेधावी, उच्चपद प्राप्त करने वाला, महत्वकांक्षी एवं धनी होता हैं। शत्रु व नीच राशि में स्थित सूर्य प्रभाव से जातक को संतान सुख में न्यूवता होती है। पुत्रों की अल्पायु होती हैं। आय में बाधाएँ आती है।
भाव विशेष
जातक प्रायः अपने व्यवसाय में सफल होता है क्योंकि एकादश भाव में सूर्य कारक होता है। सूर्य के शुभ प्रभाव से जातक अत्यंत धनी होता है । जातक की आय के स्त्रोत उत्तम होते है । जिस तरह सूर्यास्त के समय सूर्य निस्तेज हो जाता है उसी प्रकार एकादश भाव में स्थित सूर्य वाला जातक भी वृद्धावस्था में तेजहीन हो जाता है। जातक बीमारियों से पीड़ित एवं शासन द्वारा उपेक्षित होता है। जातक अपनी विद्या एवम् बुद्धि का उपयोग करता है । अल्पायु से ही जातक धनार्जन करता है। जातक सामान्य सुखी होता है।
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